कर वसूली में नगर निगम ने कमा लिए दो अरब 51 करोड़

जबलपुर। नगर निगम द्वारा कर वसूली कर इस साल दो अरब 51 करोड़ कमाए। शुक्रवार को टैक्स जमा करने का अंतिम दिन था। इस दिन लगभग 18 करोड़ का कर निगम के खाते में जमा हुआ। वित्तीय वर्ष के आखरी दिन रात 9 बजे तक 18 करोड़ से अधिक वसूले। कर वसूली ममें दिनरात जुटे कर्मचारी और अधिकारियों को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू से लेकर राजस्व प्रभारी जितेन्द्र सिंह ठाकुर, निगमायुक्त स्वप्निल वानखड़े, उपायुक्त पीएन सनखेरे ने बधाई दी। नगर निगम की आय में बढ़ोत्तरी करने में इस बार महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त स्वप्निल वानखड़े ने किए प्रयास सफल रहे हैं। इस संबंध में महापौर द्वारा नया बाजार के व्यापारियों से संवाद किया गया, जिसके परिणाम स्वरूप 25 व्यापारियों के द्वारा 38 लाख रुपये की राशि बकाया करों के रूप में जमा कराई गई।
महापौर ने अधिकारी कर्मचारियों को कराया डिनरः
महापौर द्वारा राजस्व वसूली अभियान में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी ओर से डिनर कराया। वसूली अभियान के संबंध में उपायुक्त पीएन सनखेरे ने बताया कि 5 करोड़ 12 लाख सम्पत्तिकर में, 15 लाख डोर टू डोर, 90 जलशुल्क, 38 लाख नया बाजार के व्यापारियों से वसूली की गई। अन्य मदों से 11 करोड़ की आमदनी हुई है। इस ऐतिहासिक और रिकार्डतोड़ वसूली में सभी संभागीय अधिकारियों के साथ-साथ राजस्व निरीक्षकों, करसंग्रहिताओं, नोटिस सर्वर, कम्प्यूटर आपरेटर्स, कैशियर आदि की भूमिका भी सराहनीय रही।
लक्ष्य से ज्यादा खनिज राजस्व प्राप्त किया जिले ने
जबलपुर। जिले ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में लक्ष्य से अधिक खनिज राजस्व प्राप्त किया है। जिला खनिज अधिकारी पीके तिवारी के अनुसार राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले को 109 करोड़ 02 लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया था। इसके विरूद्ध 117 करोड़ 21 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जबलपुर जिले ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ग्रामीण अवसंरचना और सड़क विकास कर में भी लक्ष्य से अधिक राजस्व प्राप्त किया गया है। ग्रामीण अवसंरचना तथा सड़क विकास कर के मद में राज्य शासन द्वारा एक करोड़ 52 लाख का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरूद्ध एक करोड़ 64 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया। इसी प्रकार अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 179 प्रकरणों में एक करोड़ 61 लाख 85 हजार 035 रुपये का अर्थदंड भी वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान शासन के खाते में जमा कराया गया।


