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मध्यप्रदेश

लाड़ली बहना को सर्वर का झटका आवेदन जमा करने यहां से वहां भटक रहीं बहना

जबलपुर। बड़े उत्साह के साथ प्रचारित प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली बहना की शुरूआत निराशाजनक रही। आवेदन जमा करने के लिए बनाए गए सभी केंद्रों पर सुबह से ही लाड़ली बहनों की भीड़ उमड़ी। कमोवेश यह स्थिति पूरे जिले और प्रदेश में रही। परिणाम स्वरूप एक साथ सर्वर पर लोड बढ़ने की वजह से सर्वर ने काम करना ही बंद कर दिया। जिम्मेदार भी इस विफलता को तो स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन उनके पास इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। इस साल की शुरुआत से ही प्रदेश सरकार की ओर से लाड़ली बहना योजना को लेकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। बीते एक पखवाड़े से लगातार मीटिंग, मैदानी अमले का प्रशिक्षण और भोपाल स्तर से वीडियो कांफ्रेंसिंग चल रही हैं। बावजूद इसके तकनीकि तैयारियों ने सारे प्रयासों काे बेमायना कर दिया। जिले में पहले दिन पचास हजार और लाख फार्म जमा करने का दावा करने वाले पहले दिन का ब्यौरा ही नहीं दे पा रहे। ग्रामीण इलाकों की बात करें तो सुनने में अविश्वसनीय लगेगा, लेकिन पंचायती स्तर पर शनिवार को कुल पांच फार्म जिले भर में जमा कराए जा सके। शहरी क्षेत्रों में भी हालात ऐसे ही हैं।

भटकाव झेलती रहीं बहना:

योजना के लिए फार्म भरने संभागीय कार्यालय पहुंची बहनों को पहले तो उनके वार्डों में पार्षद कार्यालयों में सपंर्क करने भेजा गया। वहां भी बात नहीं बनीं तो उनको वहां से भी निगम कार्यालय भेज दिया गया। निगम कार्यालय में बहनों को भरोसा हो गया कि सिस्टम फेल हो चुका है, काम होने में अभी दो-चार रोज या इससे भी ज्यादा लग सकते हैं।

आवेदन में शुरुआत से ही परेशानी:

बताया जाता है कि आवेदक की समग्र आईडी और आधार नंबर से जैसे ही लागिन किया जा रहा था, तो केवाइसी किया गया फार्म तो खुल रहा था, लेकिन फार्म को पूरा भरने के बाद जैसे ही ओटीपी के लिए एंटर किया जा रहा था, तो हितग्राही के रजिस्टर्ड मोबाइल नंगर पर ओटीपी ही नहीं आ पा रहा था। यह स्थिति जबलपुर जिले की ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में रही। कियोस्क में भी केवाइसी के लिए बहनें प्रयासरत रहीं, लेकिन सर्वर का पंगा वहां भी रहा।

अफसरों का रिस्पांस ऐसा:

इस योजना के क्रियान्वयन में आई अड़चनों को लेकर चर्चा करने जब जिला पंचायत सीईओ डा. सालोनी सिडाना काे मोबाइल लगाया गया तो वो स्विच आफ रहा। नगर निगम की सहायक आयुक्त एवं लाड़ली बहना योजना प्रभारी शिवांगी महाजन ने कहा कि उनके पास कुल 2263 आवेदन जमा कराए जाने की जानकारी है। जिला पंचायत के एसीइओ मनोज सिंह ने बताया कि जिले की 527 पंचायतों में कुल 548 फार्म ही जमा कराए जा सके। सर्वाधिक 84 आवेदन पाटन जनपद क्षेत्र से भरवाए गए। पंचायतों की बात करें तो पाटन की बेनीखेड़ा में सर्वाधिक 34 आवेदन जमा हुए।

इन्होंने यह कहा..

तकनीकि परेशानी की वजह से योजना के आवेदन जमा करने में परेशानी हुई। तकनीकि समस्या का संबंध भाेपाल स्तर से है। सोमवार तक समस्या के दूर होने की उम्मीद है। प्रशासनिक स्तर पर मैदानी तैयारी पूरी है, जैसे ही तकनीकि समस्या का निराकरण होगा, योजना पर काम गति पकड़ लेगा।

-सौरभ सुमन, कलेक्टर

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