ब्रेकिंग
सरकारी दफ्तरों में 10 से 6 उपस्थिति अनिवार्य,CM के आदेश पर वल्लभ-सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में छापामा... छत्तीसगढ़ में दौड़ेगी मेट्रो, वित्त मंत्री ने बजट में 9450 करोड़ का ऐलान किया इन दो शहरों में भी लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली, गृहमंत्री का बड़ा एलान 10 प्रतिशत महंगी होगी बिजली! आम जनता को बड़ा झटका देने की तैयारी CG Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज से, पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण, सरकार को घेरन... सरकार का बड़ा फैसला,शराब प्रेमियों को झटका! Chhattisgarh में होली पर बंद रहेंगी शराब दुकानें सुप्रीम कोर्ट बोला-फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे,सरकारें रोजगार दें , देशसेवा का संकल्प और सफलता की उड़ान: मुंगेली की सुप्रिया सिंह बनी लेफ्टिनेंट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम स... देशभर में चलेंगी 1400 से अधिक होली-स्पेशल ट्रेन:इनमें SECR से गुजरेंगी 15 ट्रेनें, तिरुपति-रक्सौल के...
विदेश

नेपाल उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री प्रचंड को भेजा कारण बताओ नोटिस

काठमांडू:  नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक रिट याचिका पर प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल प्रचंड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि देश में एक दशक तक चले माओवादी उग्रवाद के दौरान पांच हजार लोगों की मौत की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रचंड के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने का अनुरोध किया गया है। उच्चतम न्यायालय के सूत्रों के अनुसार अधिवक्ता ज्ञानेंद्र आरण और माओवादी उग्रवाद के अन्य पीड़ितों ने मंगलवार को यह याचिका दायर की थी। सूत्रों ने कहा कि कल्याण बुद्धथोकी नामक व्यक्ति की एक और रिट याचिका पंजीकरण की प्रक्रिया में है।

शीर्ष अदालत ने मौजूदा संदर्भ में आदेश पारित करने के लिए पर्याप्त कारण नहीं होने का हवाला देते हुए कहा कि अंतरिम आदेश जारी करना आवश्यक नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि अदालत 68 वर्षीय प्रधानमंत्री प्रचंड को गिरफ्तार करने के लिए अंतरिम आदेश जारी करे। उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी, 2020 को काठमांडू में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रचंड ने कथित तौर पर कहा था कि एक दशक तक विद्रोह का नेतृत्व करने वाली माओइस्ट पार्टी के नेता के रूप में वह 5,000 लोगों की मौत की जिम्मेदारी लेते हैं और देश को शेष मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

अनुमान है कि एक दशक तक चले उग्रवाद के दौरान लगभग 17,000 लोगों की मौत हुई। प्रचंड ने ‘जनयुद्ध’ के नाम पर एक दशक तक सशस्त्र संघर्ष चलाया था। वर्ष 1996 की 13 फरवरी को शुरू हुआ विद्रोह 21 नवंबर, 2006 को तत्कालीन सरकार के साथ एक व्यापक शांति समझौते पर पहुंचने के बाद आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button