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मध्यप्रदेश

बोरवेल खुला छोड़ने वाले खेत मालिक और दो बंटाईदारों को भेजा जेल

 विदिशा। जिले की लटेरी तहसील के ग्राम खेरखेड़ी पठार में दो दिन पहले खेत में खुले पड़े बोरवेल में गिरे सात वर्षीय लोकेश अहिरवार की मौत के बाद पुलिस ने खेत मालिक मां – बेटा सहित दो बटाईदारों के खिलाफ भादवि की धारा 304 ए के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है, इनमें से खेत मालिक नीरज अहिरवार और बंटाईदार रघुवीर अहिरवार को गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपितों को जेल भेज दिया है।

मालूम हो, मंगलवार की सुबह 11 बजे खेरखेड़ी गांव के एक खेत में चना की फसल काट रहे दिनेश अहिरवार का पुत्र सात वर्षीय लोकेश अहिरवार पड़ोस के खेत में खुले पड़े बोरवेल में गिर गया था। जिसे निकालने के लिए प्रशासन ने 24 घंटे तक रेस्क्यू आपरेशन किया लेकिन लोकेश को बचाया नहीं जा सका।

इसी हादसे के बाद कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने लापरवाह खेत मालिक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीर यादव ने बताया कि आनंदपुर पुलिस ने खेत मालिक नीरज अहिरवार और उसकी मां रमको बाई के अलावा खेत ठेके पर लेने वाले रामस्वरूप शर्मा तथा बटाई पर लेने वाले रघुवीर अहिरवार के खिलाफ भादवि की धारा 304 ए और 34 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

इधर, आनंदपुर थाना प्रभारी गौरव रघुवंशी ने बताया कि आरोपित खेत मालिक नीरज अहिरवार और बटाईदार रघुवीर अहिरवार को एक दिन पहले बुधवार को ही सीआरपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लटेरी एसडीएम हर्षल चौधरी के न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।

क्या है धारा 304 ए

वरिष्ठ अधिवक्ता चक्रवर्ती जैन के मुताबिक कोई ऐसा कार्य, जो उपेक्षापूर्ण तरीके से किया गया हो और इस वजह से किसी की मौत हो जाए, तब यह धारा लगाई जाती है। इस मामले में खेत में बोरवेल खुदवाकर उसे खुला छोड़ दिया गया, जिसमें गिरकर सात वर्षीय बालक की मौत हो गई। इसलिए यह धारा लगी है। इस धारा में दो वर्ष तक की सजा का प्रविधान है।

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