संतान सुख है वंचित हैं तो इन आठ आसानों से दूर हो सकता है समस्या

रायपुर। बांझपन की समस्या से जूझ रहीं महिलाओं के लिए राहत की बात है। दरअसल, आठ आसन ऐसे हैं, जिन्हें करने से उनके घर में भी किलकारी गूंज सकती है। ये हैं तितली आसन, पश्चिमोत्तानाशन, जानुशीर्षासन, हस्तुतानाशन, पादहस्तासन, शशांक आसन, मांडूक आसन और भुजंग आसन।
छत्तीसगढ़ योग शिक्षक संघ के तत्वावधान में आयोजित 23वें सत्र के आनलाइन योगाभ्यास कार्यक्रम में बांझपन की समस्या से जुड़े आसनों के बारे में बताया गया। मुख्य वक्ता के रूप में योग गुरु डा. मुकेश कुमार सिन्हा, संस्थापक व निर्देशक, योग आनंदम संस्थान ने बांझपन रोग में विशेष योगाभ्यास का सारगर्भित सत्र लिया। मोनिका सिन्हा ने मुख्य वक्ता का जीवन परिचय देते हुए कहा कि मुकेश सर रायपुर में कई महिलाओं को योगाभ्यास कराकर इस समस्या से निजात दिला चुके हैं।
योग गुरु डा. मुकेश सिन्हा ने कहा कि असंतुलित जीवनशैली, गलत खानपान और अधिक उम्र में परिवार बढ़ाने की योजना के कारण ही बांझपन की समस्या महिलाओं में देखने को मिल रही है। इसके चलते उन्हें परिवार के साथ ही समाज में भी काफी कड़वी बातें सुननी पड़ती है। उपरोक्त आठ आसनों से उनकी समस्या दूर हो सकती है। इसके साथ अनुलोम विलोम, प्राणायाम और योग निद्रा का अभ्यास भी करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संतान सुख से वंचित महिलाओं को शक्कर, नमक और मैदा से बने खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए। मुनगा की सब्जी ज्यादा खाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन नितेश पटेल ने किया। यामिनी शर्मा ने रूपरेखा प्रबंधन किया। पीयूष वर्मा व मीनू बंजारे तकनीकी कार्यभार और गूगल मीट में शामिल हुए। अंत में संघ अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने मुख्य वक्ता का आभार जताया।


