ब्रेकिंग
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l प्रधानमंत्री मोदी जी के सेवा, सुरक्षा और सुशासन के स्वर्णिम 12 साल सुप्रीम कोर्ट सख्त: फैसले लटकाए तो जवाब देना होगा अब फ्री में नहीं चला सकेंगे Facebook, Instagram और व्हाट्सऐप, Meta ने लॉन्च किया रिचार्ज प्लान सुशासन तिहार से सुखराम के चेहरे पर लौटी मुस्कान 5 घरेलु मसाले जो इम्युनिटी बढ़ने में रामबाण से कम नहीं – जानें इस्तेमाल करने का तरीका मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड क्यों महत्वपूर्ण है।
मध्यप्रदेश

रानी अवंति बाई के बलिदान दिवस पर बरगी पहुंचे मुख्यमंत्री कहा मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी ने किया प्राणों का उत्सर्ग

जबलपुर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को बरगी के मनकेड़ी में आयोजित वीरांगना रानी अवंति बाई के बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि रानी अवंति बाई ने अपने अस्तित्व और मातृभूमि की रक्षा के लिए पूरी क्षमता के साथ लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध रानी के युद्ध कौशल, नेतृत्व क्षमता और देश प्रेम की भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला। शिवराज सिंह चौहान ने रानी अवंति बाई द्वारा जबलपुर, मंडला और डिंडोरी क्षेत्रों में किए गए युद्धों एवं उनके नेतृत्‍व क्षमता के बारे में भी बताया।

आने वाली पीढ़ी आदिवासी जननायकों को याद रखेः

मुख्यमंत्री ने वीरांगना की शौर्य गाथा का वर्णन करते हुए बताया कि अंग्रेज अधिकारी और प्रमुख इतिहासकार भी उनके रणनीतिक कौशल की प्रसंशा करते है। इस अवसर पर उन्होंने मंच से रानी अवंती बाई की वीरता को रेखांकित करती वीररस की पंक्तियों का पाठ भी किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी रानी अवंति बाई, राजा शंकर शाह – रघुनाथशाह और आदिवासी जननायकों को याद रखे, इसके लिए पाठ्यक्रमों में भी इनकी वीरगाथाएं शामिल की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा मै गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं :

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मनाए जा रहे ‘आज़ादी के अमृत उत्सव’ के तहत प्रदेश सरकार द्वारा शहीदों एवं आदिवासी जननायकों राजा शंकरशाह – रघुनाथशाह, टंट्या मामा आदि के स्मारक बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता समर के दौरान अपने बलिदान से देश की आज़ादी में अपना अमूल्य योगदान देने वाले महापुरुषों एवं क्रांतिकारियों को मंच से याद किया। उन्होंने कहा कि मैं वीरांगना अवंति बाई की जन्मस्थली पर आकार उन्‍हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

बनेगा स्मारक एवं पार्क:

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया की वीरांगना रानी के प्रतिमा स्थल मनकेड़ी में उनका स्मारक एवं पार्क बनाया जाएगा। स्मारक पर रानी अवंती बाई की वीरगाथाएं भी उकेरी जाएंगी। इसी प्रकार रानी अवंती बाई सागर परियोजना के अन्तर्गत ज्यादा से ज्यादा गांवों तक सिचाई के लिए पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने मंच से ही तत्काल सिचाई सर्वे कराने के निर्देश दिए। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने रानी अवंति बाई के छायाचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन विधायक जालमसिंह पटेल ने दिया। उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई ने अपनी अल्पायु में ही देश के पहले स्वंतंत्रता संग्राम में बलिदान दिया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन, गौ संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानन्द, विधायक जालमसिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष वरकड़े, पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह, कलेक्टर सौरभ सुमन, एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button