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मध्यप्रदेश

राज्य वन सेवा के दो अधिकारियों की वरिष्ठता को लेकर विवाद हाईकोर्ट ने मामले को यथास्थिति रखा

भोपाल। राज्य वन सेवा के दो अधिकारियों विद्याभूषण मिश्रा और राजवेंद्र मिश्रा की वरिष्ठता को लेकर विवाद के चलते नौ अधिकारियों को आइएफएस संवर्ग आवंटित नहीं हो पा रहा है।

15 फरवरी 2023 को इन अधिकारियों को संवर्ग आवंटित करने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक हुई थी, जिसमें विद्याभूषण मिश्रा और राजवेंद्र मिश्रा का नाम शामिल किया गया था, पर संघ लोक सेवा आयोग ने उनकी नियुक्ति वर्ष 2015 से मानकर नाम हटा दिए।

मिश्रा द्वय का दावा है कि उन्हें वर्ष 2011 में नियुक्ति दी गई है। जब शासन और संघ लोक सेवा आयोग स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो वे हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट ने 16 मार्च तक संघ लोक सेवा आयोग से जवाब मांगा था और प्रकरण को यथास्थिति रखने के निर्देश दिए।

उधर, संघ लोक सेवा आयोग प्रकरण में चार दिन पहले हुई सुनवाई पर भी जवाब प्रस्तुत नहीं कर पाया है। वन विभाग के सचिव अतुल मिश्रा बताते हैं कि संघ लोक सेवा आयोग का जवाब आने के बाद ही कोर्ट निर्णय सुनाएगा, तब तक के लिए प्रकरण स्थास्थिति है।

बता दें कि आइएफएस संवर्ग आवंटन के लिए राज्य वन सेवा के रूप में आठ साल की सेवा पूर्ण होनी चाहिए। वर्ष 2015 के अनुसार याचिकाकर्ताओं की आठ साल से सेवा पूरी नहीं हुई है।

वहीं याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि संविदा शिक्षक के रूप में उनके चयन की तिथि से ही उन्हें वरिष्ठता का लाभ मिलना चाहिए। क्योंकि उनका चयन पीएससी में हो गया था, इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ वेतनमान और वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ दिलाया।

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