मध्य भारत का पहला राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान बन सकता है खुशीलाल आयुर्वेद कालेज

भोपाल । राजधानी का पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कालेज मध्य भारत का पहला केंद्रीय आयुर्वेद संस्थान बन सकता है। आयुष संचालनालय ने इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अधिकारियों ने ही प्रस्ताव मांगा था। केंद्रीय संस्थान बनने के बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के मरीजों को लाभ होगा। कालेज से संबद्ध अस्पताल में कम से कम पांच सौ बिस्तर हो जाएंगे। डाक्टरों की संख्या बढ़ेगी। बीएएमएस और एमडी-एमएस की सीटें भी बढ़ जाएंगी।
देश में अभी अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान दिल्ली, जयपुर में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, गुजरात के जामनगर में इंस्टीट्यूट आफ नेशनल इंपोर्टेंस है। गोवा में भी राष्ट्रीय संस्थान है। हरियाणा में भी बनाया जा रहा है। खुशीलाल कालेज को स्वीकृति मिलती है तो यह देश का छठां राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान होगा।
खुशीलाल आयुर्वेद कालेज से संबद्ध अस्पताल में अभी 150 बिस्तर हैं। राष्ट्रीय संस्थान बनने पर कम से कम पांच सौ बिस्तर होंगे। अलग-अलग स्पेशियलिटी के अनुसार सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। शोध को बढ़ावा मिलेगा। आयुर्वेदिक औषधियां यहां पर बड़ी मात्रा में तैयार होंगी। हर्बल गार्डन बनाया जाएगा, जहां से औषधियां तैयार करने के लिए कच्ची सामग्री मिल सकेगी।
इनका कहना है
खशीलाल आयुर्वेद कालेज में लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। देश का पहला पंचकर्म सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल शुरू किया गया है। अब इसे राष्ट्रीय संस्थान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय आयुष मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। यह स्वीकृत हुआ तो मध्य भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी।
राम किशोर कांवरे, आयुष मंत्री।


