पेपर आउट करने वाले केंद्राध्यक्ष सहित तीन पर्यवेक्षक भेजे जेल

मुरैना। परीक्षा सेंटर से 10वीं के विज्ञान विषय का पेपर आउट करने वाले केंद्राध्यक्ष व तीन पर्यवेक्षकों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में धाराएं बढ़ाईं, जिसके बाद पहले जमानत देकर छोड़े गए पांच आरोपितों में से चार को गिरफ्तार कर जौरा कोर्ट में पेश किया गया था। मामले में आरोपित सहायक केंद्राध्यक्ष फरार।
गौरतलब है, कि सोमवार को 10वीं के विज्ञान विषय का पेपर था, जो जौरा के सेंट्रल अकादमिक हायर सेकंडरी स्कूल से आउट हो गया था।परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष प्रताप सिंह नरवरिया, सहायक केंद्राध्यक्ष भूपेंद्र यादव के अलावा तीन पर्यवेक्षक राकेश रावत, पवन शर्मा एवं गोपालकृष्ण पाराशर को पेपर आउट करने का दोषी पाया गया। पर्यवेक्षक राकेश रावत के वाट्सअप से यह पेपर लीक हुआ था।इस मामले में केंद्राध्यक्ष प्रताप सिंह नरवरिया, सहायक केंद्राध्यक्ष भूपेंद्र यादव, पर्यवेक्षक राकेश रावत, पवन शर्मा व गोपालकृष्ण पाराशर के खिलाफ जौरा थाने में परीक्षा अधिनियम की धाराओं में सोमवार को ही केस दर्ज किया गया था। सोमवार को ही थाने से इन आरोपितों को जमानत पर छोड़ दिया गया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने विभागीय कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपितों को निलंबित भी कर दिया। इसी बीच पुलिस ने अपनी जांच में आइपीसी की धारा 409 के अलावा आइटी एक्ट की 72/74 एवं 120-बी का इजाफा कर दिया। गैर जमानती धाराएं बढ़ने के बाद पुलिस ने बुधवार को केंद्राध्यक्ष प्रताप सिंह नरवरिया, पर्यवेक्षक राकेश रावत, पवन शर्मा व गोपालकृष्ण पाराशर को गिरफ्तार कर जौरा कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने चारों को जेल भेज दिया है। सहायक केंद्राध्यक्ष भूपेंद्र यादव फरार है, बताया गया है कि वह गिरफ्तारी व जेल के डर से भोपाल भाग गया है। आरोपितों के वकील ने कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन भी किया, जिस पर कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की तारीख दी है।


