ब्रेकिंग
सरकारी दफ्तरों में 10 से 6 उपस्थिति अनिवार्य,CM के आदेश पर वल्लभ-सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में छापामा... छत्तीसगढ़ में दौड़ेगी मेट्रो, वित्त मंत्री ने बजट में 9450 करोड़ का ऐलान किया इन दो शहरों में भी लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली, गृहमंत्री का बड़ा एलान 10 प्रतिशत महंगी होगी बिजली! आम जनता को बड़ा झटका देने की तैयारी CG Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज से, पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण, सरकार को घेरन... सरकार का बड़ा फैसला,शराब प्रेमियों को झटका! Chhattisgarh में होली पर बंद रहेंगी शराब दुकानें सुप्रीम कोर्ट बोला-फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे,सरकारें रोजगार दें , देशसेवा का संकल्प और सफलता की उड़ान: मुंगेली की सुप्रिया सिंह बनी लेफ्टिनेंट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम स... देशभर में चलेंगी 1400 से अधिक होली-स्पेशल ट्रेन:इनमें SECR से गुजरेंगी 15 ट्रेनें, तिरुपति-रक्सौल के...
मध्यप्रदेश

माय लार्ड सूख गए जमानत के पौधे पानी मिला न हो पाई सुरक्षा

ग्वालियर। हाईकोर्ट की पर्यावरण सरंक्षण की अनूठी पहल से लगे हजारों पौधे अब गायब हो गए हैं। इस पहल के तहत अलग-अलग अपराध के आरोपितों को यह कहते हुए जमानत दी थी कि वह पौधे लगाएगा। पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल भी करेगा। यह देखभाल जब तक करनी होगी, तब तक ट्रायल चलती है। लोगों ने जमानत की शर्त के पौधे लगाने के लिए शारदा बालग्राम की पहाड़ी को चुना था। ये पौधे पहाड़ी के ऊपर स्थित विवेकानंद पार्क के मार्ग पर लगाए थे। उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाए। सुबह शाम को पानी डालने भी आते थे, लेकिन अब स्थिति उलट हो गई है। विवेकानंद पार्क के मार्ग पर न ट्री गार्ड बचे, न पौधे। पौधे सूख गए हैं। अब पानी डालने वाले भी नजर नहीं आ रहे हैं। नईदुनिया ने सुबह व शाम को इन पौधों की पड़ताल की तो जमानत के पौधे सूख गए। न्यायमूर्ति आनंद पाठक के आदेश पर यह पौधे लगाए थे, लेकिन अब न्यायमूर्ति आनंद पाठक का स्थानांतरण भी जबलपुर हो चुका है।

फलदार व छायादार लगाए थे पौधे

– शारदा बालग्राम की पहाड़ी पर फलदार व छायादार पौधे लगाए थे। फलदार में जामून के पौधे रोपे थे। छायादार में सीसम, पीपल, बड़, नमी के पौधे लगाए थे। साथ में ट्री गार्ड लगाए थे।

– ऐसे लोगों ने पौधे लगाने के लिए इस जगह को चुना था, जिनके पास शहर में जगह नहीं थी। वह लोग इस पर पौधे रोपते थे। क्योंकि लोगों के सामने जगह का संकट आया था। शारदा बालग्राम की पहाड़ी पर लोगों ने पौधे रोपना शुरू कर दिया था।

– अब पौधों के अवशेष भी नहीं दिख रहे हैं। यहां पर झाड़ियां बनी हैं। नाली ही दिख रही है। पौधे लगाने के लिए नाली खोदी थी।

10 हजार से अधिक पौधे रोपे गए थे

ग्वालियर खंडपीठ के अंतर्गत ग्वालियर चंबल संभाग के आठ जिले व विदिशा जिला आता है। जस्टिस पाठक के पास क्रिमिनल रोस्टर था। उन्होंने जमानत की शर्त में पौधे लगाने की शर्त जोड़ी थी। नौ जिलों में 10 हजार से अधिक पौधे रोपे गए थे।

– सरकारी व निजी जमीन पर लोग पौधे रोपकर न्यायालय में फोटो पेश करते थे। कोर्ट ने पौधों की जिम्मेदारी आरोपितों को दी थी।

न्यायालय ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगवाए थे।

न्यायालय ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगवाए थे। जमानत की शर्त का उल्लंघन होता है तो उसे निरस्त करने पर विचार होना चाहिए। यह शर्त का उल्लंघन है। यह एक अच्छी पहल थी। शारदा बालग्राम की पहाड़ी पर पौधे नहीं दिख रहे हैं। 2021 व 2022 में बड़ी संख्या में पौधे लगे दिखते थे। ट्री गार्ड पर केस नंबर भी लिखा रहता था।

– राजीव शर्मा, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता

Related Articles

Back to top button