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मध्यप्रदेश

जांच व उपचार से महिलाएं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बच सकती है

इंदौर। महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह के कैंसर के सर्वाधिक दो तिहाई मामले भारत में होते है। हर नौ मिनट में एक महिला की मृत्यु इसके कारण होती है। कई महिलाएं परिवार पूर्ण होने के बाद अपने स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति जागरुक नहीं रहती है। 30 से 65 साल की महिलाओं को हर पांच साल में एक बार अपने सर्विक्स व ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करवाना चाहिए।

इंदौर के पीसी सेठी अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति सिमलोत के अनुसार, इंदौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इस कैंसर के बचाव के लिए नि:शुल्क की वीआइए की जांच की जाती है। इसके अलावा पीसी सेठी अस्पताल में इस बीमारी का उपचार किया जाता है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा है। इस तरह की जांच करवाकर महिलाएं कैंसर जैसी गंभीर की शुरुआत होने के पहले ही उसका पता करवा सकती है और उसका तत्काल उपचार करवाया जा सकता है।

महिलाओं को यदि माहवारी की अनियमितता, पेट में लगातार दर्द या अन्य किसी प्रकार के स्त्री रोग के लक्षण हो तो उन्हें तत्काल महिला चिकित्सक का परामर्श लेकर उपचार लेना चाहिए। साल में एक बार महिलाओं को स्त्री रोग विशेषज्ञ से चिकित्सक परामर्श लेना चाहिए। इससे वे गंभीर बीमारियों से बच सकती है। ब्रेस्ट कैंसर भी महिलाओं में ज्यादा होता है। ऐसे महिलाएं स्वयं का परीक्षण करने के अलावा चिकित्सक के माध्यम से अपनी स्क्रीनिंग करवा सकती है।

40 साल की उम्र के बाद मेमोग्राफी टेस्ट भी महिलाओं हर दो साल में एक बार करवाना चाहिए। जिनके परिवार में मां, बहन या अन्य किसी को पूर्व में ब्रेस्ट कैंसर हुआ हो,उस परिवार की महिलाओं को भी अपनी जांच करवाना चाहिए। महिलाएं यदि अपना खानपान पर नियंत्रण रखे, नियमितम व्यायाम करे तो कई बीमारियों से बच सकती है।

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