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मध्यप्रदेश

बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए लगवाएं फ्लू वैक्सीन

इंदौर। मौसम में बदलाव के कारण बच्चों को वायरल अपनी चपेट में ले रहा है। बच्चों को यदि सर्दी, खांसी, बुखार या कफ आ रहा है तो लापरवाही बिल्कुल न बरतें। यदि सही समय पर इलाज नहीं मिलता है तो बीमारी बड़ा रूप भी ले सकती है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डा. सचिन सोनी ने बताया कि घर में बच्चों का विशेष ध्यान रखें और बड़े लोग मास्क लगाकर रहें क्योंकि बच्चों में इंफेक्शन जल्दी फैलता है। उन्हें सिखाना चाहिए कि बार-बार हाथ धोएं, इससे इंफेक्शन को रोका जा सकता है। अभी बच्चों में सबसे ज्यादा छाती और गले में इंफेक्शन हो रहा है। इसके कारण पांच दिन तक बच्चे बीमार रहते हैं। जिन बच्चों को फ्लू वैक्सीन नहीं लगी है, उन्हें डाक्टर की सलाह से वैक्सीन लगवा लेना चाहिए।

जिन बच्चों को वैक्सीन लगी है, वे वायरल की चपेट में कम आ रहे हैं और यदि आ भी जाते हैं तो जल्द स्वस्थ हो जाते हैं। इस मौसमी बीमारी में बच्चों को एंटीबायोटिक दवाइयां किसी विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही देना चाहिए। कई बच्चों में इंफेक्शन इतना बढ़ गया है कि वह अस्पताल में भर्ती होने के बाद ही स्वस्थ हो रहे हैं। अभी बच्चों का बुखार 104 डिग्री तक जा रहा है।

कई बच्चों को खांसी के साथ उल्टी भी हो रही है। ऐसे में परिवार के सदस्यों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह वायरल पांच दिन तक रहता है, उसके बाद ठीक हो जाता है। लेकिन माता-पिता को यह सतर्कता रखने की आवश्यकता है कि यदि बच्चा स्कूल जा रहा है तो उसे यह सिखाकर भेजें कि जिन बच्चों को सर्दी-खांसी हो रही है, उनसे दूरी बनाकर रखें। साथ ही यदि कोई बच्चे को भी खांसी आ रही है तो वह रुमाल का उपयोग करें। इस तरह की सतर्कता रखकर वायरल से बचा जा सकता है।

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