ब्रेकिंग
सरकारी दफ्तरों में 10 से 6 उपस्थिति अनिवार्य,CM के आदेश पर वल्लभ-सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में छापामा... छत्तीसगढ़ में दौड़ेगी मेट्रो, वित्त मंत्री ने बजट में 9450 करोड़ का ऐलान किया इन दो शहरों में भी लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली, गृहमंत्री का बड़ा एलान 10 प्रतिशत महंगी होगी बिजली! आम जनता को बड़ा झटका देने की तैयारी CG Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज से, पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण, सरकार को घेरन... सरकार का बड़ा फैसला,शराब प्रेमियों को झटका! Chhattisgarh में होली पर बंद रहेंगी शराब दुकानें सुप्रीम कोर्ट बोला-फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे,सरकारें रोजगार दें , देशसेवा का संकल्प और सफलता की उड़ान: मुंगेली की सुप्रिया सिंह बनी लेफ्टिनेंट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम स... देशभर में चलेंगी 1400 से अधिक होली-स्पेशल ट्रेन:इनमें SECR से गुजरेंगी 15 ट्रेनें, तिरुपति-रक्सौल के...
देश

पीएमश्री योजना के स्कूलों में पढ़ने से 6वीं से 12वीं तक के छात्र हो गए वंचित जानिए वजह

रायपुर।केंद्र सरकार की पीएमश्री योजना के तहत चयनित 211 स्कूलों की पहली सूची आ गई है। इसमें सबसे ज्यादा 193 प्राइमरी स्कूलों का चयन किया गया है। राज्य में प्राइमरी के ज्यादा स्कूलों के चयन होने के कारण छठवीं से 12वीं तक पढ़ने वाले बच्चे पीएमश्री योजना वाले स्कूलों में पढ़ने से वंचित हो गए हैं।

राज्य में सेकंडरी लेवल पर सिर्फ एकलव्य विद्यालय मिले

पीएमश्री के तहत राज्य में संचालित स्कूलों को अपग्रेड किया जाना है। इन स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार से अनुदान मिलेगा। स्कूलों में हाईटेक प्रैक्टिकल लैब, स्मार्ट क्लास रूम बनाई जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जो मानक तय किए गए हैं उन पर स्कूलों में काम किया जाएगा। यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन प्लस (यूडाइस) कोड के फेर में राज्य के छात्रों का भारी नुकसान हो रहा है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की तरफ से पीएमश्री योजना में एलीमेंट्री और सेकेंडरी दो तरह के स्कूलों को शामिल करने का लक्ष्य है। इसमें एलीमेंट्री के तहत एक से पांच और एक से आठ कक्षा तक के स्कूलों को शामिल किया गया है। प्रदेश में सबसे ज्याद एक से पांच कक्षा तक के स्कूल होने के कारण इन्हीं स्कूलों का चयन हुआ है।

यूडाइस कोड के फेर में हाई और हायर सेकंडरी स्कूल

यूडाइस कोड के आधार पर स्कूल चयनित किए गए हैं। इसी तरह सेकंडरी लेवल पर जिन स्कूलों का चयन हुआ है, उनमें अधिकतर एकलव्य विद्यालय हैं। एकलव्य विद्यालयों में पहले से ही केंद्र सरकार की तरफ से फंड दिया जा रहा है। राज्य सरकार सिर्फ देखरेख करती है। इस कारण से पीएमश्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ के छात्रों को सिर्फ पांचवीं कक्षा तक ही लाभ मिलेगा। हाई और हायर सेकंडरी में पढ़ाई के लिए छात्रों को दूसरे स्कूलों में प्रवेश के लिए भटकना पड़ेगा।

यूडाइस कोड की दिक्कत

पीएमश्री योजना में स्कूलों के चयन में यूडाइस कोड की बहुत दिक्कत है। हर स्कूलों का एक यूडाइस कोड होता है। राज्य में पहली से पांचवीं, छठवीं से आठवीं और नौवीं से 12वीं कक्षा के स्कूलों का अलग-अलग यूडाइस कोड है। पीएमश्री में यूडाइस के आधार पर स्कूलों का चयन किया गया है। कक्षा एक से 12वीं और छठवीं से 12वीं यूडाइस के प्रदेश में ज्यादा स्कूल नहीं होने के कारण पीएमश्री में चयनित नहीं हो पाए हैं।

कम छात्रों को मिलेगा लाभ

पीएमश्री में चयनित स्कूलों के हिसाब से राज्य के कम छात्रों को ही पीएमश्री योजना के तहत चयनित स्कूलों में पढ़ने का मौका मिलेगा। कक्षा पहली से पांचवीं तक पढ़ने के बाद छात्रों को मजबूरी बस दूसरे स्कूलों में जाना पड़ेगा। पहली से दसवीं या 12वीं कक्षा तक के ज्यादा स्कूल पीएमश्री में चयनित होंगे तो छात्रों को ज्यादा लाभ होगा। छात्रों को बीच में स्कूल छोड़कर अगली कक्षा में पढ़ने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

यूडाइज बदलने पर हो रहा विचार

पीएमश्री योजना देख रहे अधिकारियों ने बताया कि यूडाइस कोड के कारण पीएमश्री में चयन में होने वाली परेशानियों को शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिए हैं। यूडाइस कोड पर जल्द ही विचार किया जाएगा। पीएमश्री योजना में दो साल में हर तिमाही में स्कूलों का चयन किया जाना है। इस तरह से हर तीन महीने में नए स्कूलों की सूची आएगी।

मापदंड के आधार पर हुआ है चयन

समग्र शिक्षा विभाग के डायरेक्टर नरेंद्र दुग्गा ने कहा कि पीएमश्री योजना में स्कूलों के चयन करने में मापदंडों के आधार पर किया गया है। राज्य के प्रायमरी स्कूल पीएमश्री योजना के मापदंडों में फिट बैठे, इस कारण से प्रायमरी स्कूलों का ज्यादा चयन हुआ है।

Related Articles

Back to top button