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मध्यप्रदेश

दो साल का बेटा पापा के बारे में पूछ रहा स्वजन नहीं दे पा रहे जवाब

इंदौर/आलीराजपुर। इंदौर में हुए बावड़ी हादसे में जोबट के पास बलेड़ी गांव के एक युवा की मौत भी हो गई है। मृतक का दो साल का बेटा बार-बार अपने पिता के बारे में पूछ रहा है। हालांकि, परिवार को यह समझ नहीं आ रहा कि उसे कैसे बताएं कि उसके पिता अब कभी नहीं आएंगे। सात माह की गर्भवती पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। शव का अंतिम संस्कार देर शाम बलेड़ी गांव में किया गया है।

जानकारी अनुसार जोबट के नजदीक बलेड़ी गांव के 28 वर्षीय जितेंद्र पिता रतन सोलंकी इंदौर में रहकर मंदिर में चौकीदारी कर रहा था। उनके साथ ही परिवार के अन्य स्वजन भी लंबे समय से ही मजदूरी के लिए इंदौर में रह रहे थे। राम नवमी पर वे भी मंदिर में ही थे। यहां बावड़ी की स्लैब ढहने से हादसे का शिकार हो गए। काफी देर तलाश के बाद बावड़ी से उनका शव बाहर निकाला जा सका।

गर्भवती है पत्नी

शुक्रवार को पार्थिव देह जोबट के पास ग्राम बलेड़ी लाई गई। यहां स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों ने बताया कि जितेंद्र का दो साल का एक बेटा है, वहीं पत्नी गर्भवती है। अब परिवार का क्या होगा, कुछ समझ नहीं आ रहा है। जितेंद्र रोजी-रोटी के लिए इंदौर गया था, पता नहीं था कि यह शहर ही उसकी मौत का कारण बन जाएगा।

पिता ने कहा- जहां हादसा वहां पहली बार किया हवन

मृतक के पिता रतन ने कहा कि मंदिर में नवमी पर जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां पहली बार ही हवन किया गया। जितेंद्र इस दौरान प्रसाद बांट रहा था। अचानक धमाके के साथ हादसा हुआ और बेटा हमेशा के लिए खो गया। मृतक के पिता ने यह आरोप भी लगाया कि मंदिर के लोग मनमाने ढंग से बेटे से काम करा रहे थे। उसे खाने तक की फुर्सत नहीं मिलती थी। अब इस हादसे ने बेटे को हमेशा के लिए छीन लिया है।

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