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मध्यप्रदेश

सर्वर नहीं कर रहा ठीक से काम नेशनल परमिट नहीं मिलने से भरना पड़ रहा जुर्माना

ग्वालियर। ट्रक व बस आपरेटरों को अब भी नेशनल परमिट आसानी से नहीं मिल रहे हैं। इस कारण उन्हें दूसरे राज्यों में जुर्माने भुगतने पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआइसी) के पोर्टल पर आ रही है। परमिट की लिंक चंद मिनट के लिए खुलती है और वह बंद हो जाती है। इससे आपरेटर परमिट की कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। मैनुअल परमिट मान्य नहीं किया जा रहा है। इसलिए आनलाइन परमिट ही जरूरी है।

31 मार्च 2023 से वाहन से जुड़ी सभी सेवाएं एनआइसी के पोर्टल वाहन-4 से मिलने लगी है। वाहन के रजिस्ट्रेशन, परमिट सहित अन्य सेवाएं वाहन-4 से शुरू हो गई हैं। इस पोर्टल पर पूरा डेटा पोर्ट नहीं हो सका है। अधूरा डेटा होने की वजह से सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। बीते दिनों भोपाल में प्रमुख सचिव ने बैठक भी ली थी। 31 मार्च तक मैनुअल परमिट जारी किए गए, लेकिन अब आनलाइन ही जारी होंगे। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एचके सिंह का कहना है कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। उनको दूर करने के बाद परमिट जारी किए जा रहे हैं।

एक करोड़ से अधिक का जुर्माना भुगत चुके हैं आपरेटर

ट्रक आपरेटर सुनील महेश्वरी का कहना है कि प्रदेश के ट्रक आपरेटर एक करोड़ से अधिक का जुर्माना भुगत चुके हैं। किसी की गाड़ी कर्नाटक में खड़ी है और उसे वापस आना है। पोर्टल पर उसका परमिट प्रदर्शित नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में दूसरे राज्यों के चैकपोस्ट जुर्माना लगा देते हैं। इससे बड़ी दिक्कत आ रही है। पोर्टल पांच मिनट के लिए खुलता है, उसके बाद लिंक बंद हो जाती है। ऐसे में परमिट के लिए आवेदन भी नहीं कर पाते हैं। विभाग को अपनी परेशानियां बता चुके हैं।

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