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रंग पंचमी कब? जानें होली के चार दिन बाद क्यों मनाते हैं रंगों का यह पर्व

रंग पंचमी का त्योहार होली का अंतिम पड़ाव माना जाता है. इस दिन देवी-देवताओं के साथ होली खेली जाती है. यह पर्व हर वर्ष होली के बाद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस बार यह शुभ तिथि 12 मार्च दिन रविवार को है. हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के कृष्ण की पंचमी तिथि के दिन इस त्यौहार को मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन भक्त भगवान कृष्ण और राधा रानी को भी गुलाल लगाते हैं.

रंग पंचमी 2023 शुभ मुहूर्त (Rang Panchami 2023 Shubh Muhurat)

हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 11 मार्च 2023 को रात्रि 08 बजकर 35 मिनट से प्रारंभ होगा और इस तिथि का समापन 12 मार्च 2023 को रात्रि 08 बजकर 31 मिनट पर होगा. ऐसे में यह पर्व 12 मार्च 2023, रविवार के दिन मनाया जाएगा.

रंग पंचमी का महत्व

होली के पांचवे दिन मनाया जाने वाले इस त्योहार के दिन घरों में विशेष भोजन बनाया जाता है, जिसे पूरन पोली कहा जाता है. रंग पंचमी के महत्व को देखते हुए इसका एक और नाम प्रचलित है, जिसे श्रीपंचमी कहा जाता है. इस दिन देवताओं संग रंग गुलाल खेलने पर घर में श्री अर्थात धन समृद्धि की वृद्धि होती है. रंग पंचमी के दिन शरीर पर रंग नहीं लगाया जाता बल्कि रंग को हवा में उड़ाया जाता है और जब रंग हवा में उड़ता है, तब तमोगुण और रजोगुण का नाश होता है. इनके नाश होने के बाद सतोगुण में वृद्धि होती है.

Rang Panchami Puja: राधा-कृष्ण की होती है विशेष पूजा

रंग पंचमी के दिन राधा कृष्ण की विशेष पूजा की जाती है. उन्हें अबीर और गुलाल अर्पित किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इससे व्यक्ति की कुंडली में मौजूद बड़े से बड़ा दोष समाप्त हो जाता है और जीवन में प्यार भर जाता है. इस दिन माता लक्ष्मी और श्रीहरि की पूजा करने का भी विधान है. विभिन्न जगहों पर रंग पंचमी को श्रीपंचमी के नाम से भी जाना जाता है.

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