महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन के लोगों को विशेष द्वार से मिलेगा प्रवेश

उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन हेतु उज्जैन के लोगों के लिए विशेष द्वार से प्रवेश मिलेगा। स्थानीय दर्शनार्थी आईडी कार्ड दिखाकर सीधे मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। शनिवार को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में हुई प्रबंध समिति की बैठक में प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। महाकाल महालोक का निर्माण पूर्ण होने के बाद स्थानीय भक्तों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।बैठक में प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने प्रबंध समिति के समक्ष अनेक प्रस्ताव रखे जिस पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय महापौर मुकेश टटवाल व समिति सदस्य राम पुजारी द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर हुआ। दोनों ने एक मत से उज्जैन के लोगों के लिए मंदिर में प्रवेश हेतु विशेष द्वार निर्धारित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि महाकाल उज्जैन के राजा हैं और उनकी प्रजा को मंदिर में सीधे प्रवेश देने की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इस प्रस्ताव को सशर्त सर्वानुमति से स्वीकार किया गया। बताया जाता है समिति ने लड्डू प्रसाद बनाने वाले हलाई को आगामी एक वर्ष के लिए प्रसाद निर्माण के लिए अनुबंध बढ़ा दिया है। मुंबई की क्रिस्टल सिक्युरिटी कंपनी को मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का ठेका दिया गया है। बैठक में कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई, इस पर समिति ने आगामी बैठक में प्रस्ताव रखने को कहा। साथ ही कहा कि मंदिर प्रशासन सबसे पहले कर्मचारियों की ग्रेड तय करे। ग्रेडेशन के बाद ही वेतन बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
3 अप्रैल को सुबह 10 बजे के बाद बंद होगा प्रवेश
मंदिर समिति ने पं.प्रदीप मिश्रा की 4 अप्रैल से होने वाली श्री शिवमहापुराण कथा को देखते हुए 3 से 10 अप्रैल तक गर्भगृह में प्रवेश बंद करने का निर्णय लिया था, इस पर पुजारियों ने आपत्ती दर्ज कराई। उनका कहना था कि 3 अप्रैल को प्रदोष है, इस दिन सुबह के समय भगवान की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस पर प्रबंध समिति ने शुक्रवार को लिए गए निर्णय में संशोधन करते हुए 3 अप्रैल को सुबह 6 बजे की बजाय 10 बजे से प्रवेश बंद करने का निर्णय लिया।
त्रिवेणी संग्रहालय के सामने बनेगी नई धर्मशाला
बैठक में प्रशासक सोनी ने समिति के समक्ष त्रिवेणी संग्रहालय के सामने मंदिर की भूमि पर जी प्लस फोर श्रेणी की धर्मशाला बनाने का प्रस्ताव रखा, इस पर सहमति बन गई है। बताया जाता है मंदिर प्रशासन आने वाले दिनों में कलेक्टर को प्रोजेक्ट की फाइल प्रस्तुत करेगा। इसमें ड्राइंग डिजाईन आदि शामिल रहेगी। समिति धर्मशाला का निर्माण दानदाता के सहयोग से कराएगी।


