खंडवा में वर्षा के साथ ओलावृष्टि से अब तक 800 किसान प्रभावित

खंडवा। तीन दिन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही वर्षा ने किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। सोमवार को फिर कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई। वर्षा के कारण गेहूं, प्याज, तरबूज के साथ अरबी को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर रही टीम ने फसलें नष्ट होने से प्रभावित 800 किसानों को चिन्हित किया है। सोमवार को जिले में 26 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई। दोपहर को ग्राम शाहपुरा, खापरी, पाडलिया, बगमार, शेखपुरा, कोहदड़, पाभई, पांचभा, बांदरला, माकरला, धनोरा सहित पंधाना ब्लाक के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई।
ग्राम खापरी के किसान आशीष पटेल, नितेश पटेल और शांति पटेल ने बताया कि उनके खेतों में लगी अरबी और प्याज की फसल ओलावृष्टि से नष्ट हो गई। इसी तरह खंडवा विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में भी वर्षा हुई। वर्षा का दौर लगातार जारी रहने से उन किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिन्होंने गेहूं की फसल काटने के बाद बेची नहीं है। भंडारण का साधन नहीं होने से खेतों में ही उपज भीग रही है। इसी तरह जिन किसानों ने गेहूं की उपज बेच दी है उनके खेतों में पशुओं के लिए एकत्रित किया गया चारा नष्ट हो गया है।
संयुक्त दलों की टीम कर रही सर्वे
खंडवा जिले में वर्षा और ओलावृष्टि से ग्रसित तहसील खंडवा, हरसूद, पंधाना, पुनासा एवं खालवा में जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त दलों के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर नेत्रांकन के आधार पर अब तक 21 गांवों में लगभग 852.22 हेक्टेयर रकबा प्रभावित होना पाया गया है। लगभग 800 कृषक प्रभावित हुए हैं। संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख अशोक जाधव ने बताया कि चना, तरबूज, प्याज, मूंग, टमाटर, बैंगन व गेहूं की फसल मुख्य रूप से प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाओं और एक पशु की मौत हुई है। फसल क्षति की जानकारी प्रारंभिक नेत्रांकन के आधार पर है। संयुक्त दलों द्वारा फसल की क्षति सर्वे निरंतर जारी है।
किसानों को समय पर मिले राहत राशि
फसलें नष्ट होने से प्रभावित किसानों को समय पर राहत राशि दिए जाने की मांग उठ रही है। भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष सुभाष पटेल ने कहा कि शासन द्वारा कराए जा रहे सर्वे के आधार पर किसानों की सूची तैयार हो और उन्हें समय पर राहत राशि दी जाए। इधर निमाड़ संयुक्त कृषक संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र पटेल ने कहा कि सर्वे कार्य में किसी तरह की लापरवाही ना हो इसका विशेष ध्यान जिम्मेदार अधिकारी रखें। जो भी पीड़ित किसान है उसकी नष्ट फसल का सही आकलन करके उसे राहत राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए।


