राजगढ़ सांसद रोडमल नागर कोरोना संक्रमित भोपाल में मिले 14 मरीज अस्पतालों में माक ड्रिल की तैयारी

भोपाल। देश के साथ-साथ प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। राजधानी भोपाल में सोमवार को कोरोना के 14 नए मामले सामने आए। मध्यप्रदेश में सोमवार को कोरोना के 26 नए मामले सामने आए। इनमें सबसे ज्यादा 14 मरीज भोपाल में मिले हैं। वहीं इंदौर में 05, ग्वालियर में 03 और जबलपुर में कोरोना के 04 नए मरीजों की पहचान हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 100 को पार कर गया। प्रदेश में फिलहाल 101 सक्रिय मरीज हैं।
उधर, राजगढ़ सांसद रोडमल नागर भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने इंटरनेट मीडिया के जरिए खुद इस बात की जानकारी दी और अपने संपर्क में आए लोगों से कोरोना जांच कराने का आग्रह किया है।
भोपाल में मिले 14 मरीज
सोमवार को कोरोना संक्रमण के 14 नए मामले मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी की रिपोर्ट आने के बाद होम आइसोलेशन भेज दिया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सभी संक्रमितों की स्थिति सामान्य है। उनकी मानिटरिंग की जा रही है। इधर स्वास्थ्य विभाग लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए लगातार अपील कर रहा है।
प्रदेशभर के अस्पतालों में माक ड्रिल की तैयारी
मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में 10 व 11 अप्रैल को राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए माक ड्रिल की जाएगी।
राजधानी के हमीदिया, एम्स और जेपी अस्पताल में माक ड्रिल में एक डमी कोरोना संक्रमित मरीज की जानकारी मिलते ही उसे एंबुलेंस में अस्पताल लाकर इमरजेंसी में भर्ती कराने, जांच करने और तत्काल इलाज शुरू करने के लिए उपलब्ध संसाधनों को परखा जाएगा। इस दौरान पीएसएम मशीन और वेंटिलेटर को भी स्टार्ट किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपात स्थिति में कोरोना से निपटने के लिए हमारी व्यवस्था कितनी तैयार है। मध्यप्रदेश में इंदौर, भोपाल, उज्जैन जैसे शहरों में कोरोना के एक्टिव केस मिले हैं, जिसमें सबसे अधिक इंदौर-भोपाल में हैं। इस संबंध में जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डा. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग से मिले निर्देशों के अनुसार सोमवार-मंगलवार को जेपी में कोरोना को लेकर माकड्रिल की जाएगी। इस दौरान अन्य सीएचसी में भी माक ड्रिल होगी। उन्होंने बताया कि जिस तरह से देश के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं और नए सब वैरिएंट मिले हैं, उसमें इस तरह की माकड्रिल बेहद फायदेमंद होगा।
एम्स निदेशक बोले, डरने वाली बात नहीं
भोपाल एम्स के निदेशक डा. अजय सिंह ने बताया कि कोरोनाउन लोगों में ज्यादा खतरनाक रूप ले लेता है, जो फेफड़े या किसी अन्य बीमारी से पहले से ग्रसित होते हैं। उन्होंने बताया कि वैसे लोग जिन्होंने वैक्सीन का डोज कंप्लीट नहीं किया है, उनको भी फिर से संक्रमित होने का खतरा है। हालांकि, हर्ड इम्युनिटी की वजह से राज्य में बड़ी आबादी में एंटीबाडी तैयार है। लोगों को जान का खतरा नहीं हैं। लेकिन माक ड्रिल के साथ-साथ वैक्सीनेशन, मास्क का इस्तेमाल, दो गज की दूरी और सर्दी-खांसी के साथ बुखार होने पर कोरोना जांच कराया जाना अब भी जरुरी है।


