वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता खेलने दक्षिण अफ्रीका जाएंगे कुलदीप

ग्वालियर। मुरैना के देवरी गांव निवासी किसान बृजराज दंडोतिया के 18 वर्षीय बेटे कुलदीप दंडोतिया दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में होने वाली वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कुलदीप को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। छोटे से गांव और साधारण परिवार के कुलदीप ने महज 15 साल की उम्र में 89 किलो वजन होने के बाद फिट होने के लिए जिम ज्वाइन की, लेकिन जिम में वजन उठाने का शौक लग गया और पावरलिफ्टिंग शुरू कर दी। खान-पान ऐसा हुआ कि कुलदीप का वजन घटने की बजाय 105 किलो हो गया। जिम ज्वाइन करने के महज तीन माह बाद से ही वह प्रदेश स्तरीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगे। पिछले तीन साल में सात बार स्टेट चैंपियनशिप खेलकर तीन बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। जनवरी 2021 में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुई नेशनल पावरलिफ्टिंग में 115 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। इसी प्रदर्शन के दम पर उनका चयन 26 मई से जोहान्सबर्ग में होने वाली वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनिशप में जूनियर केटेगरी में हुआ है। कुलदीप जून में हांगकांग में होने वाली एशिया पेसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप व सितंबर में एशियन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी भाग लेंगे।
ट्रैक्टर की टक्कर से टूटा पांव फिर भी कम नहीं हुआ हौसला
कुलदीप ने बताया कि 16 मई 2022 को वह जिम से आते समय नेशनल हाइवे पर एक ट्रैक्टर-ट्राली ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दायें पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। आपरेशन के बाद सरिया डाला गया, लगा कि अब उनका खेल छूट जाएगा। सात माह तक जिम और पावरलिफ्टिंग से दूर रहे, एक दिन कोच उदय शर्मा ने घर आकर मनोबल बढ़ाया तो दूसरे दिन से फिर तैयारी की और एक माह की मेहनत के बाद ही जनवरी 2023 को औरंगाबाद में नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत लिया।


