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मध्यप्रदेश

बंद पड़ी खदान में भरे पानी में तीन भाई-बहन डूबे दो की मौत

छतरपुर, महोबा। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम दिदवारा में बंद पड़ी पहाड़ की खदान में भरे पानी में तीन भाई-बहन खेलते समय गिर गए। वहां मौजूद लोगों ने तीनों बच्चों को बाहर निकाला और महोबा जिला अस्पताल लेकर आए। यहां भाई-बहन को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे झांसी रेफर किया गया है।

ग्राम दिदवारा निवासी विक्रम चौरसिया की पत्नी शीतला रविवार को 12 वर्षीय पुत्री महिमा, पुत्र 10 वर्षीय राज और आठ वर्षीय आर्यन के साथ खेत पर गई थी। विक्रम के बड़े भाई हरगोविंद ने बताया कि दिदवारा में एक पहाड़ की खदान छह माह से बंद पड़ी है।

खदान में पत्थर निकालने से उसमें करीब सौ फीट गहराई पर पानी भरा हुआ है। यह खदान खेत के रास्ते में पड़ती है। दोपहर को शीतला तीनों बच्चों के साथ खेत की ओर जा रही थीं, तभी बच्चे खदान से गुजरते समय वहीं पर खेलने लगे। इसी दौरान पैर फिसल जाने से तीनों गहरे पानी में जा गिरे।

इधर, मां खेत पर काम करने में व्यस्त हो गईं। काफी देर तक जब बच्चे नहीं दिखे तो उसे आशंका हुई। वह उसी रास्ते वापस लौटी और बच्चों को खोजती रही। खदान के पास आने पर बच्चे पानी में छटपटाते दिखे। उसने आसपास लोगों को मदद के लिए आवाज लगाई।

हरगोविंद ने बताया कि तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया और महोबा जिला अस्पताल लेकर आए, जहां पर महिमा और राज को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आर्यन को मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि क्रशर संचालकों के साथ ग्रामीणों ने बैठक कर इस बंद पड़ी खदान में तारबाड़ी करने को कहा था, लेकिन उन्होंने तारबाड़ी नहीं कराई। तारबाड़ी करा दी जाती तो हादसा नहीं होता। घटना से ग्रामीणों में क्रशर संचालकों के खिलाफ नाराजगी है।

महोबा कोतवाली प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि घटना मध्य प्रदेश की है। पीड़ित पक्ष से संबंधित थाने में तहरीर देने को कहा गया है।

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