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मध्यप्रदेश

धोखाधड़ी और मतांतरण के आरोपित बिशप और पादरी को नहीं मिली अग्रिम जमानत

डिंडौरी। मिशनरी स्कूल जुनवानी में नाबालिक आदिवासी विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी व मतांतरण के आरोपित बिशप और पादरी की अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा सख्त टिप्पणी करते हुए खारिज कर दी गई। जमानत अर्जी निरस्त करते हुए जिला व सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे द्वारा नाबालिग आदिवासी विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी को गंभीर अपराध बताया। आरोपितों की ओर से जबलपुर से तीन अधिवक्ता जहां पैरवी करने डिंडौरी पहुंचे थे, वहीं दिल्ली से भी एक अधिवक्ता ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से पैरवी की।

जबलपुर में लटका मिला तालाः

शुक्रवार को समनापुर थाने से पुलिस टीम आरोपित मिशनरी सोसायटी के अध्यक्ष बिशप जेराल्ड अलमेड़ा और कोषाध्यक्ष पादरी जगनराज की तलाश में बिशप हाउस सिविल लाइन जबलपुर भी पहुंची। यहां कमरों में ताला लटका मिला, जबकि परिसर में एक चौकीदार ही मौजूद था। पूछताछ में भी वह दोनों आरोपितों के बारे में कोई विशेष जानकारी देने से बचता नजर आया। उल्लेखनीय है कि मामला दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपित फरार हैं। उनकी तलाश में भी पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।

आरोपितों ने जमानत के लिए लगाई थी याचिकाः

आरोपितों द्वारा जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई गई थी, जिनमें उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार तिवारी द्वारा शासन की ओर से मजबूती से पक्ष रखा गया। उन्होंने तर्क दिया कि मिशनरी सोसायटी के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष की सहमति और सहयोग के बिना इतना बड़ा गंभीर अपराध नहीं हो सकता। उन्हीं के संरक्षण में यह बड़ी अनियमितताएं और गंभीर अपराध हुई है। गौरतलब है कि मिशनरी स्कूल जुनवानी में नाबालिग आदिवासी छात्राओं के साथ यौन शोषण का गंभीर मामला उजागर होने के बाद से ही यहां मतांतरण सहित दुर्व्यवहार व अन्य गंभीर अपराध सामने आए है। यौन शोषण के मामले में स्कूल का प्राचार्य नान सिंह यादव और शिक्षक जिला जेल में बंद हैं। जबकि दो आरोपित पादरी सनी फादर और वार्डन सविता एक्का लगभग 26 दिन से मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उनकी तलाश में भी पुलिस जुटी हुई है।

आदिवासी समाज कार्रवाई के लिए कर रहा मांगः

इस मामले को लेकर जिले भर में विरोध का दौर जारी है। आदिवासी समाज के लोग भी एकजुट होकर आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। समनापुर थाना प्रभारी धीरज राज द्वारा इस मामले में अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। सिविल लाइन जबलपुर में स्थित बिशप हाउस कार्रवाई करने पहुंचे एएसआई अखिलेश श्रीवास, हेमंत सार्वे द्वारा आसपास के लोगों से भी आरोपितों के बारे में पूछताछ की गई है। बताया गया कि वे लंबे समय से गायब है। वहीं चर्चा है कि आरोपित जबलपुर में ही किसी चर्च में छिपे हुए हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस द्वारा जबलपुर पुलिस से भी मदद लेने की तैयारी में है।

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