खरगोन जिले में ओलावृष्टि के बाद कश्मीर सा नजारा वीडियो हो रहा वायरल

खरगोन। खरगोन जिला सहित अंचल बेमौसम बारिश से तरबतर हो रहा है। यहां काकोडा में ओले गिरने के बाद जमीन कश्मीर की तरह सफेद चादर सी लिपटी नजर आई। यहां हुई ओलावृष्टि के वीडियो वायरल हो रहे हैं। मार्च में लगातार बेमौसम बारिश रबी फसलों पर कहर बरपा रही है। रविवार को भी मुख्यालय सहित अंचल में तेज हवा, आंधी, बारिश और ओलों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खरगाने जिले के झिरन्या, भगवानपुरा, भीकनगांव, खरगोन ब्लाक के कई गांवों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। जिससे फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं।
गेहूं और चने की फसलों को हुआ नुकसान

गेहूं और चने की फसल आड़ी होकर खेतों में चादर की तरह बिछ गईं। साथ ही कटी हुई फसलों के बारिश में भीग जाने से भी किसानों की चिंताएं बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन में लगातार बारिश से हुए नुकसान की रबी सीजन की फसलों से भरपाई की आस थी। जिलेभर में गेहूं-चना की पकी हुई खड़ी फसल गिर गईं। इसके अलावा कुछ जगहों पर खेत में कटी हुई फसलें भी बारिश की वजह से खराब हो गईं। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। फसलों को हुए नुकसान के लिए किसान मुआवजे की मांग भी कर रहे है।
डोंगर चिचली की नदी में बाढ़, खेतों में घुसा पानी
टांडा बरुड़। गांव सहित आसपास क्षेत्र में रविवार सुबह 12 बजे से तेज हवा, आंधी और बादलों की गरज के साथ बेमौसम मूसलधार वर्षा हुई। इससे किसानों की कटी फसल बर्बाद हो गई। उनके खेतों में पानी भरा गया। गांव में करीब एक सप्ताह से अधिक समय से वर्षा रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसके साथ चली हवा-आंधी से खड़ी मक्का व गेहूं, चना की फसल आड़ी हो गई है। अधिकांश किसानों के खेतों में गेहूं, मक्का सूख कर खड़ा है, जो वर्षा के कारण पूरा भीग गया है। वहीं डोंगरचीचली बड़या एवं आसपास क्षेत्र के गांव में ओले गिरे हैं। क्षेत्र के ग्राम रोमचिचली, कोठाखुर्द, बड़ीकोठा, उमरखली में भी हवा-आंधी और वर्षा से फसलों को नुकसान हुआ है। कृषक कमल चंद कुमरावत, हरिश्चंद्र कुमरावत, लिटिल कुमरावत, अनिल कुशवाह, रफीक खान आदि ने बताया कि गेहूं, मक्का और चने की फसल को बहुत नुकसान हुआ। फसल की चमक भी चली गई है। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि खेतों में फसलों का निरीक्षण कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं डोंगर चिचली की नदी में बाढ़ आ गई।


