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मध्यप्रदेश

नगर निगम में कर्मचारियों का होगा आडिट महापौर ने मांगी सूची

भोपाल। नगर निगम भोपाल में स्थायी, विनियमित, दैनिक वेतन भोगी और प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों की संख्या 15 हजार को पार कर चुकी है। ऐसे में निगम की कुछ शाखाओं में पदस्थ कर्मचारी केवल वेतन ले रहे हैं, लेकिन काम के समय वो हाजिरी लगाकर घर चले जाते हैं। अब ऐसे कर्मचारियों को पकड़ने और उन पर कार्रवाई करने के लिए महापौर मालती राय ने सभी विभागों से संबंधित कर्मचारियों की सूची मांगी है। महापौर मंगलवार को विभागवार समीक्षा भी करेंगी। इसको लेकर एक पत्र जीएडी ने सभी विभागों को जारी किया है।

महापौर की समीक्षा के पहले जो कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है, उसमें तीन बिंदु शामिल किए गए हैं। इसमें निगम के समस्त वार्ड और जोन में पदस्थ नियमित, विनयमित, संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का आंकड़ा मांगा गया है। दूसरे बिंदू में हाउसिंग फार आल सेल में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है। तीसरे बिंदू में निगम अधिपत्य की लाइब्रेरी कहां-कहां संचालित है और इनमें कितने कर्मचारी कार्यरत है।

हालांकि महापौर द्वारा अचानक विभागवार जानकारी मांगी जाने से अधिकारी और कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। वहीं इस मामले में कर्मचारियो का कहना है कि महापौर के समक्ष दो माह पूर्व जो धरने प्रदर्शन किए गए थे। उसकी अनदेखी की गई और न तो विनियमित कर्मचारियों का भला हुआ है और न ही संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत मिली है। जबकि आयुक्त केवीएस चौधरी ने भी कर्मचारियों को भरोसा दिलाया था कि वे उनके लिए कुछ बेहतर करेंगे। अब मंगलवार को महापौर द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक के बाद लिए जाने वाले फैसलों पर सभी की नजर है।

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