होली से पहले जनता को मिली बड़ी राहत, लेकिन फूट-फूटकर रो रहे किसान… अब सरकार से कर रहे ये मांग

रतलाम। होली की खुशियों में पकोड़े ना हो यह ऐसा मुमकिन नहीं है। पकोड़े प्याज के हो और प्याज भी सस्ते दाम के हो तो फिर खुशियाँ दोगुनी हो जाती है, लेकिन रतलाम की मंडी में प्याज के दाम लगातार गिरने से प्याज उत्पादक परेशान है।
किसानो को अपनी उपज की लागत भी नहीं मिल रही है। नासिक के अलावा मध्यप्रदेश का रतलाम जिला भी प्याज के उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है और इन दिनों मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी रतलाम में किसानों को प्याज के लागत दाम भी नहीं मिल रहे हैं। किसान प्याज को मंडी तक लाने का भाड़ा तक नहीं निकाल पा रहे हैं। मंडी में दाम नहीं मिलने के कारण किसान परेशान व निराश दिखाई दे रहा है।
किसानों का कहना है कि मंडी में छोटे प्याज के दाम 2 रुपए से 4 रुपये किलो तक ही मिल पा रहे हैं, जबकि अच्छी क्वालिटी वाले प्याज 6 से 9 रुपए तक बिक रहा है। ऐसे में प्याज की खेती की लागत तो निकल ही नहीं पा रही है और उल्टा प्याज को मंडी तक ले जाने में और राशि खर्च करनी पड़ रही है। जिससे मुनाफा तो ठीक है और हमें नुकसान ही उठाना पड़ रहा है। वहीं प्याज को ज्यादा समय तक स्टॉक नहीं किया जा सकता है। प्याज के दामों में आई गिरावट के बाद अब किसान सरकार से समर्थन मूल्य में प्याज खरीदने की मांग करने लगे है , ताकि किसानो को राहत मिले।


