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मध्यप्रदेश

इनसे मिलिए ये हैं… इंदौर के भामाशाह 900 दिव्यांग बच्चों का करवा चुके आपरेशन

इंदौर। इंदौर के पन्नों को यदि पलटकर देखा जाए तो यहां की गौरवशाली गाथा में यह भी नजर आता है कि यहां के निवासियों ने समाज के हित में अपना खजाना खोल दिया। चाहे बात देवी अहिल्या बाई होलकर की हो या सर सेठ हुकमचंद जैसे दानवीरों की, जिन्होंने शहर के हित के आगे अपने हित को महत्व नहीं दिया। सेवा से सरोकार रखने वाले स्वर्णिम अतीत से सीख लेते हुए शहर के दानदाताओं ने उस वक्त भी अपनी सहृदयता का परिचय दिया, जब कोरोना महामारी के चलते पूरा देश लाकडाउन में था।

आज भी इंदौर में ऐसे कई प्रतिष्ठित उद्योगपति हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता के कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं और समाज की मदद में भी पीछे नहीं रहते। कोई कमजोर आय के लोगों के इलाज में हर माह बड़ी रकम खर्च करते हैं, तो कोई बच्चों की सर्जरी पर। किसी ने अस्पताल शुरू किया है तो कोई मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्च उठा रहा है। आइए, समाज की सेवा के लिए तत्पर रहने वाले इन सेवाभावियों से ही सुनें कि वो क्या है, जो इन्हें संवेदनशील बनाता है।

कैंसर रोगियों के लिए भी निश्शुल्क देते हैं दवा

उद्योगपति वीरेंद्र जैन को माता-पिता ने हमेशा सिखाया कि जरूरतमंदों की सेवा करो। मन में यह बात बचपन से थी। ऐसे में जब औषधि उद्योग शुरू किया तो कमाने से ज्यादा ध्यान बांटने पर गया। शुभारंभ निश्शुल्क औषधि वितरण से किया। फिर सामने आया कि कई रोग ऐसे हैं जिनका उपचार आपरेशन से ही संभव है। तब ऐसे सैकड़ों दिव्यांग सामने आए, जिन्हें आपरेशन की जरूरत थी, लेकिन पैसा नहीं था। तब उनके आपरेशन का लक्ष्य लिया और अब तक 900 दिव्यांग बच्चों का आपरेशन करवा चुके हैं। अब जरूरतमंद कैंसर रोगियों के लिए मप्र के साथ बेंगलुरु, नासिक, मुंबई में शिविर लगाकर आयुर्वेदिक दवा निश्शुल्क वितरित करते हैं।

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