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मध्यप्रदेश

हाई कोर्ट से गांजा तस्करी मामले में जमानत अर्जी मंजूर

जबलपुर। हाई कोर्ट ने गांजा तस्करी मामले में उमरिया की विशेष अदालत से 10 वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा से दंडित आवेदक की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। यह राहत अभियोजन साक्षियों के कथनों में विरोधाभास को गंभीरता से लेते हुए दी गई। न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार वर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। आवेदक उमरिया निवासी राजेश कुमार पटेल की ओर से अधिवक्ता संदीप जैन ने पक्ष रखा।

उन्होंने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने फैसला देने से पूर्व अभियोजन की नाकाफी को न्यायोचित तरीके से रेखांकित नहीं किया। पुलिस ने जो कहानी गढ़ी थी, उसके अनुसार आवेदक के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया था। जबकि प्रस्तुत दस्तावेजों व गवाहों के बयानों में अलग-अलग तथ्य सामने आए। इससे साफ है कि आवेदक बेकसूर था, इसके बावजूद दुर्भावनावश गांजा तस्करी के मामले में फंसा दिया गया। इससे उसका भविष्य दांव पर लग गया है। पूरा परिवार हलकान है। सजा के विरुद्ध दायर अपील के निराकरण में लंबा समय लगेगा। ऐसे में अधिक समय तक जेल में रखना न्यायोचित नहीं होगा। हाई कोर्ट ने तर्क से सहमत होकर राहत प्रदान कर दी।

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