ब्रेकिंग
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l प्रधानमंत्री मोदी जी के सेवा, सुरक्षा और सुशासन के स्वर्णिम 12 साल सुप्रीम कोर्ट सख्त: फैसले लटकाए तो जवाब देना होगा अब फ्री में नहीं चला सकेंगे Facebook, Instagram और व्हाट्सऐप, Meta ने लॉन्च किया रिचार्ज प्लान सुशासन तिहार से सुखराम के चेहरे पर लौटी मुस्कान 5 घरेलु मसाले जो इम्युनिटी बढ़ने में रामबाण से कम नहीं – जानें इस्तेमाल करने का तरीका मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड क्यों महत्वपूर्ण है।
व्यापार

RBI Monetary Policy: क्या और महंगा होगा लोन, 6 अप्रैल को मौद्रिक नीति समिति की बैठक, जताई जा रही यह आशंका

RBI Monetary Policy: क्या लोन एक बार फिर महंगा होने जा रहा है? अगले महीने के पहले हफ्ते में होने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक से पहले यह आशंका जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि कर सकता है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति लाने से पहले विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों को ध्यान में रखने के लिए रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 3, 5 और 6 अप्रैल को होने जा रही है। 6 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से फैसले की जानकारी दी जाएगी।
फरवरी में हुई अपनी अंतिम नीति बैठक में RBI ने नीतिगत दर या रेपो को 25 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत कर दिया था।

1 अप्रैल से पान मसाला पर 51 और सिगरेट पर 100 प्रतिशत जीएसटी सेस

इस बीच, केंद्र सरकार ने पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू के अन्य उत्पादों पर जीएसटी कंपनसेशन सेस अधिकतम दर से लागू करने का फैसला किया गया है। यह अधिकतम सेस इन उत्पादों की खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर वसूला जाएगा। जीएसटी कंपनसेशन सेस की यह अधिकतम सीमा शुक्रवार को लोकसभा में पारित वित्त विधेयक 2023 में संशोधन के जरिये तय की गई है।
यह संशोधन एक अप्रैल 2023 से लागू हो जाएंगे। संशोधन के अनुसार, पान मसाला पर अधिकतम जीएसटी कंपनसेशन सेस प्रति इकाई खुदरा मूल्य का 51 प्रतिशत होगा। अभी यह सेस उत्पाद के कुल मूल्य के अनुसार 135 प्रतिशत पर लगाया जाता है। तंबाकू उत्पाद या सिगरेट पर सेस की अधिकतम दर खुदरा मूल्य का 100 प्रतिशत होगी। अभी तक 4,170 रुपये प्रति हजार स्टिक के साथ मूल्य के अनुसार 290 प्रतिशत सेस लिया जाता था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button