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मध्यप्रदेश

रिटायर्ड ज्वाइंट कमिश्नर सहित 45 लोगों पर हुई FIR, नेताओं के करीबी पर गड़बड़ी का मामला दर्ज

भोपाल। सहकारिता विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर ने विभाग के रिटायर्ड ज्वाइंट कमिश्नर अरविंद सिंह सेंगर सहित 45 लोगों के खिलाफ थाना निशातपुरा में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में कोरल लाइफ कॉलोनी विकसित करने वाली आदर्श नगर गृह निर्माण सहकारी समिति में हुई गड़बड़ियों के लिए सोसायटी के पदाधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के साथ सेंगर को भी आरोपी बताया गया है। पिछले साल दिसंबर में रिटायर हुए अरिवंद सेंगर कई मंत्रियों का करीबी माना जाता है।

रिटायरमेंट के बाद भी अरविन्द सेंगर नियमित रूप से एक मंत्री के निवास और दफ्तर में मौजूद रहते हैं। हालांकि उनकी वहां पदस्थापना नहीं है। खास बात यह है कि एफआईआर कराने वाले जॉइंट कमिशनर विनोद सिंह का दो दिन पहले ही ज्वाइंट कमिश्नर के पद पर प्रमोशन हुआ है। डिप्टी कमिश्नर के रूप में सेंगर व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद ही उन्होंने ज्वाइंट कमिश्नर का पदभार ग्रहण किया।

एफआईआर में कहा गया है कि 785 सदस्यों वाली आदर्श नगर हाउसिंग सोसायटी में 340 सदस्यों को प्लॉट आवंटित किए, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई। बाद में यह प्लॉट अन्य लोगों को बेच दिए गए। इस मामले में जब विभाग में शिकायत हुई तो सेंगर ने सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल लतीफ, कांट्रेक्टर केशव नाचानी और बिचौलिए राकेश उपाध्याय सहित अन्य लोगों की मदद की। जिन 45 लोगों को आरोपी बनाया गया है उसमें यह नाम भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि तीन माह पूर्व सहकारिता विभाग ने दस्तावेज जब्त करने के लिए सोसायटी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई भी की थी।

 सहकारिता विभाग की जांच में यह बात सामने आई कि कुल 165 रजिस्ट्रियां सामने आईं हैं। इसका रजिस्ट्री मूल्य 11.82 करोड़ और बाजार मूल्य 13.54 करोड़ रुपए है, जिसमें चेक और नगद से 11.77 करोड़ रुपए प्राप्त किए गए। रजिस्ट्री से हुई आय में से 3.37 करोड़ रुपए बैंक खाते की बजाय बाला-बाला, यहां डेवलपमेंट और अन्य कार्य करने वालों को दे दिए गए। इसके अलावा लोगों को भ्रमित करने के लिए नाम भी आदर्श नगर से बदल कर कोरल लाइफ कॉलोनी कर दिया गया। यह भी नियमानुसार गलत है।

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