महक को अंतिम विदाई देने पहुंचे स्कूल के शिक्षक एक साथ उठी मां-बेटी की अर्थी

इंदौर। रामनवमी पर बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हुए हादसे में भम्मानी परिवार ने मां-बेटी दोनों को एक साथ खो दिया। 13 वर्षीय महक और 48 वर्षीय मधु भम्मानी का शव बचाव दल ने गुरुवार को बावड़ी से खोज लिया था। पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव शुक्रवार सुबह 10 बजे एंबुलेंस से घर पहुंचा। पानी भरने से दोनों का शरीर फूल चुका था।
अस्पताल से सफेद चादर में मां-बेटी को ढंककर लाया गया। उन्हें देखते ही महक के पिता राजेश की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। बेटी से राजेश लिपट गए। कुछ देर में पत्नी मधु का शव एंबुलेंस से उतारकर स्वजन घर में लाए। इस बीच पड़ोसी और रिश्तेदार पहुंचने लगे। हादसे में एक ही परिवार को दोनों सदस्यों के जाने से पिता राजेश को पड़ोसियों ने संभाला। राजेश की मां और मधु की सास भी दोपहर तक पहुंच गई। रिश्तेदारों की आंखों से आंसुओं का सैलाब रुक नहीं रहा था।
आखिरी बार हर कोई देखना चाहता था चेहरा
सातवीं कक्षा की छात्रा महक को अंतिम विदाई देने के लिए दिगंबर स्कूल के शिक्षक और स्टाफ के लोग भी पहुंचे थे। वे घर के बाहर एक कोने में गुमसुम खड़े थे। महक के शव को अर्थी पर लिटाते ही शिक्षकों और स्टाफ की आंखें नम हो गईं। स्कूल से आया हरेक व्यक्ति महक को आखिरी बार देखना चाहता था, मगर उसके चेहरे पर चादर थी। बाद में पंडित ने पड़ोसी, रिश्तेदारों और परिचितों को महक और उनकी मां मधु के अंतिम दर्शन कराए।
लिपट-लिपट कर रोने लगे लोग
सभी ने महक के आसपास परिक्रमा की। नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी। दोपहर डेढ़ बजे रीजनल पार्क मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए दोनों का शव वाहन में रखा तो परिवार की महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। दोनों को अपने से जुदा होते देख लोगों एक-दूसरे को लिपट-लिपट कर रोने लगे।


