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मध्यप्रदेश

पुलिस एनडीपीएस कानून का पालन सही से नहीं कर रही इसलिए आरोपित जमानत देनी पड़ रही

ग्वालियर। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने एक गांजा तस्कर को जमानत देते हुए कहा कि पुलिस एनडीपीएस के कानूनों का पालन नहीं कर रही है। जिले में एसडीओपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक की पदस्थापना है, जो नीचे के कर्मचारियों की निगरानी करते हैं, लेकिन दो साल से देख रहे हैं कि कानून के पालन में पुलिसकर्मी गंभीर नहीं है। इस कारण न्यायालय को जमानत देनी पड़ रही है। कोर्ट ने आदेश की कापी पुलिस महानिदेशक मध्य प्रदेश को भेजने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए आगे की कार्रवाई की जाए।

दरअसल भिंड जिले के मानलपुर थाना पुलिस ने संदीप शर्मा को गांजा तस्करी के आरोप में 20 दिसंबर 2021 को गिरफ्तार कर लिया था। उप निरीक्षक विनोद कुशवाह को सूचना मिली कि ट्रक क्रमांक एमपी 06 एचसी 1067 में 1026 किलो गांजा ले जाया जा रहा है। गांजा केलों के बीच में छिपा हुआ था। ट्रक में चार लोग सवार थे। पुलिस ने संदीप, जावेद, कल्याण, गोलू को गिफ्तार कर लिया। चौथी बार संदीप ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पेश किए, जिसमें एनडीपीएस एक्ट के तहत की जाने वाली कार्रवाई की गाइड लाइन बताई गई है। इस केस में एनडीपीएस एक्ट की गाइड लाइन का उल्लंघन था और माल जब्ती की कार्रवाई की थी, उसमें नियमों का पालन नहीं किया गया। पुलिस की ओर से जमानत आवेदन का विरोध किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद संदीप शर्मा को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। आदेश की कापी डीजीपी को भेजी जाएगी, ताकि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन हो सके।

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