ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट में तय सुनवाई टल गई है, भोपाल में रहवासी इलाकों व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण खड़े हनुमान मंदिर को लेकर बढ़ा विरोध, उमा भारती ने CM से कहा- निकालें बीच का रास्ता मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर,दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, 36वें दिन कमाई 200 करोड़ के पार PM मोदी के जन्मदिन पर MP सरकार का बड़ा तोहफा, 17 सितंबर से 50 लाख लोगों की होगी फ्री रजिस्ट्री रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026, सीएम विष्‍णु देव साय मुख्‍य अतिथि हाईकोर्ट सख्त, 7 दिन में दिखाने होंगे अनुमति के दस्तावेज, भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रहे मॉल-हो... दिल्ली में नितिन नवीन से नरोत्तम मिश्रा की मुलाकात, एमपी में सियासी हलचल तेज भोपाल मास्टर प्लान को CM Mohan Yadav की सैद्धांतिक मंजूरी,जन्माष्टमी पर जारी हो सकता है ड्राफ्ट नगर निगम ने शुरू की सीलिंग,भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे कमर्शियल अड्डों पर बड़ी कार्रवाई
मध्यप्रदेश

सूडान में फंसे बैरागढ़ के व्यापारी ने फोन पर सुनाई व्यथा फ्लैट के बाहर हो रही गोलीबारी खाद्य सामग्री भी खत्म हो रही

भोपाल। सूडान में हिंसा के बीच बैरागढ़ निवासी एक युवक वापस भारत नहीं आ पा रहा है। चिंतित युवक के स्वजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार की है। युवक ने स्वजनों को फोन पर बताया कि उनके फ्लैट के सामने ही सेना का मुख्यालय है। यहां पर जबर्दस्‍त गोलीबारी हो रही है। कई कारतूस फ्लैट परिसर में आकर गिरे हैं।

बैरागढ़ निवासी नरेंद्र केवलानी के अनुसार उनका पुत्र जयंत कारोबार के सिलसिले में सूडान गया था। वैसे वह दुबई में कारोबार करता है। कुछ दिन के लिए सूडान गया था। 20 अप्रैल को उसे वापस भारत आना था। वापसी के दो दिन पहले ही वहां गृह युद्ध के हालात निर्मित हो गए। वहां की सेना और पैरामिलिट्री रेपिड सपोर्ट फोर्स के बीच वर्चस्व का संघर्ष हो रहा है। सेना मुख्यालय पर हमले के बाद वहां कोई नागरिक घर से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं है। नरेंद्र ने गुरुवार को कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी के साथ मिलकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से मुलाकात की और उन्‍हें पूरे मामले की जानकारी दी। ज्ञानचंदानी के अनुसार इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी विदेश मंत्रालय को ट्वीट कर सहयोग का आग्रह किया था। विदेश मंत्रालय ने जवाब में सूडान में फंसे भारतीयों की हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया है।

स्‍वजन फिक्रमंद

युवा पुत्र के फंसे होने की खबर के बाद केवलानी परिवार चिंतित है। पिता नरेंद्र केवलानी माता तमन्ना, दादा गिरधारी लाल, भाई मोहित और बहन वंशिका दिनभर टीवी पर टकटकी लगाकर सूडान की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जयंत ने परिवार को कुछ वीडियो भेजे हैं इसमें उनके फ्लैट के सामने इन गोलीबारी हो रही है। अनहोनी की आशंका से पूरा परिवार चिंतित है। पिता नरेंद्र केवलानी के अनुसार सुरक्षा की चिंता के साथ खाद्य सामग्री की कमी भी बड़ी चिंता है क्योंकि जयंत एवं उसके साथ रहे तीन युवकों के पास दो-तीन दिन की खाद्य सामग्री ही बची है। यदि जल्द कुछ हल न निकला तो हालात बिगड़ जाएंगे। जयंत सूडान की राजधानी खार्तूम में सेना मुख्यालय के पास ही फ्लैट में फंसा है। वहां रह-रहकर गोलीबारी हो रही है। अभी तक उनके पास कोई भी मदद के लिए नहीं आया है। जयंत ने अपना पासपोर्ट एवं जरूरी दस्तावेज अपने पास ही रखे हैं, लेकिन हमले के बाद एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है। अब वहां बसे भारतीयों को भारत सरकार से ही मदद की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button