ब्रेकिंग
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l प्रधानमंत्री मोदी जी के सेवा, सुरक्षा और सुशासन के स्वर्णिम 12 साल सुप्रीम कोर्ट सख्त: फैसले लटकाए तो जवाब देना होगा अब फ्री में नहीं चला सकेंगे Facebook, Instagram और व्हाट्सऐप, Meta ने लॉन्च किया रिचार्ज प्लान सुशासन तिहार से सुखराम के चेहरे पर लौटी मुस्कान 5 घरेलु मसाले जो इम्युनिटी बढ़ने में रामबाण से कम नहीं – जानें इस्तेमाल करने का तरीका मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड क्यों महत्वपूर्ण है।
मध्यप्रदेश

सूडान में फंसे बैरागढ़ के व्यापारी ने फोन पर सुनाई व्यथा फ्लैट के बाहर हो रही गोलीबारी खाद्य सामग्री भी खत्म हो रही

भोपाल। सूडान में हिंसा के बीच बैरागढ़ निवासी एक युवक वापस भारत नहीं आ पा रहा है। चिंतित युवक के स्वजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार की है। युवक ने स्वजनों को फोन पर बताया कि उनके फ्लैट के सामने ही सेना का मुख्यालय है। यहां पर जबर्दस्‍त गोलीबारी हो रही है। कई कारतूस फ्लैट परिसर में आकर गिरे हैं।

बैरागढ़ निवासी नरेंद्र केवलानी के अनुसार उनका पुत्र जयंत कारोबार के सिलसिले में सूडान गया था। वैसे वह दुबई में कारोबार करता है। कुछ दिन के लिए सूडान गया था। 20 अप्रैल को उसे वापस भारत आना था। वापसी के दो दिन पहले ही वहां गृह युद्ध के हालात निर्मित हो गए। वहां की सेना और पैरामिलिट्री रेपिड सपोर्ट फोर्स के बीच वर्चस्व का संघर्ष हो रहा है। सेना मुख्यालय पर हमले के बाद वहां कोई नागरिक घर से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं है। नरेंद्र ने गुरुवार को कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी के साथ मिलकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से मुलाकात की और उन्‍हें पूरे मामले की जानकारी दी। ज्ञानचंदानी के अनुसार इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी विदेश मंत्रालय को ट्वीट कर सहयोग का आग्रह किया था। विदेश मंत्रालय ने जवाब में सूडान में फंसे भारतीयों की हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया है।

स्‍वजन फिक्रमंद

युवा पुत्र के फंसे होने की खबर के बाद केवलानी परिवार चिंतित है। पिता नरेंद्र केवलानी माता तमन्ना, दादा गिरधारी लाल, भाई मोहित और बहन वंशिका दिनभर टीवी पर टकटकी लगाकर सूडान की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जयंत ने परिवार को कुछ वीडियो भेजे हैं इसमें उनके फ्लैट के सामने इन गोलीबारी हो रही है। अनहोनी की आशंका से पूरा परिवार चिंतित है। पिता नरेंद्र केवलानी के अनुसार सुरक्षा की चिंता के साथ खाद्य सामग्री की कमी भी बड़ी चिंता है क्योंकि जयंत एवं उसके साथ रहे तीन युवकों के पास दो-तीन दिन की खाद्य सामग्री ही बची है। यदि जल्द कुछ हल न निकला तो हालात बिगड़ जाएंगे। जयंत सूडान की राजधानी खार्तूम में सेना मुख्यालय के पास ही फ्लैट में फंसा है। वहां रह-रहकर गोलीबारी हो रही है। अभी तक उनके पास कोई भी मदद के लिए नहीं आया है। जयंत ने अपना पासपोर्ट एवं जरूरी दस्तावेज अपने पास ही रखे हैं, लेकिन हमले के बाद एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है। अब वहां बसे भारतीयों को भारत सरकार से ही मदद की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button