स्कूलों ने खर्च नहीं किया 113 करोड़ रुपये अब बजट विभाग को करना होगा वापस

भाेपाल। सरकारी स्कूलों में भवन निर्माण, मरम्मत, रंगाई-पुताई सहित अन्य कार्यों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग हर साल बजट जारी करता है।इसमें से 113 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए हैं।स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिलों के सरकारी स्कूलों के लिए आवंटित करोड़ों रुपये खर्च नहीं कर पाए हैं। उस राशि को वापस करना होगा।सभी को निर्देश दिए गए हैं कि या तो राशि खर्च करे नहीं तो बजट वापस कर लिया जाएगा। खर्च नहीं करने वाले जिलों में अगले साल परेशानी आना तय हैं, क्योंकि इस साल के खर्च के हिसाब से हीं अगले साल बजट मिलना है।स्कूल शिक्षा विभाग के अपर संचालक ने जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा है कि कई जिलों में बजट बचा हुआ है और जब तक इसे खर्च नहीं किया जाएगा, तब तक आगे का बजट नहीं मिलेगा। अपर संचालक ने सभी संयुक्त संचालकों से कहा है कि जो पैसा उनके जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के पास बचा हुआ है।उसमें से जो वेतन देना है।उसका भुगतान जारी कर दें।बता दें, कि शासन की ओर से हर साल सरकारी स्कूलों को 1800 करोड़ रुपये का वजट दिया जाता है।
कुछ जिलों ने राशि वापस कर दी
प्रदेश के कुछ जिलों ने विभाग को राशि वापस कर दी है।इसमें आगर मालवा ने सात लाख 72 हजार रुपये, अलीराजपुर ने एक लाख 25 हजार रुपये, अनूपपुर में आठ हजार रुपये, खरगोन ने 1 लाख 83 हजार रुपये बजट के विभाग के खाते में वापस कर दी।वहीं बालाघाट जिले में 35 हजार 211 रुपये, बैतूल में एक लाख 66 हजार रुपये, भिंड में एक लाख 51 हजार रुपये और बुरहानपुर में आठ हजार 229 रुपये सहित अन्य जिलों में बजट बचा हुआ है।


