ब्रेकिंग
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l प्रधानमंत्री मोदी जी के सेवा, सुरक्षा और सुशासन के स्वर्णिम 12 साल सुप्रीम कोर्ट सख्त: फैसले लटकाए तो जवाब देना होगा अब फ्री में नहीं चला सकेंगे Facebook, Instagram और व्हाट्सऐप, Meta ने लॉन्च किया रिचार्ज प्लान सुशासन तिहार से सुखराम के चेहरे पर लौटी मुस्कान 5 घरेलु मसाले जो इम्युनिटी बढ़ने में रामबाण से कम नहीं – जानें इस्तेमाल करने का तरीका मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड क्यों महत्वपूर्ण है।
मध्यप्रदेश

स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन के अधिकारी समेत तीन पर धोखाधड़ी की एफआइआर

भोपाल। मध्य प्रदेश स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) में हुई फर्जी नियुक्तियों के मामले में एमपी नगर थाना पुलिस ने प्रशासक समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्‍होंने अवैध तरीके से कर्मचारियों की नियुक्ति की है। इस पर मामले की जांच शुरू की गई है।

एमपीनगर थाने के एसआइ आरके मिश्रा ने बताया कि गोरखपुर, जबलपुर निवासी विजय कुमार (65) सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने एमपी नगर थाना में एक लिखित शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि एमपीसीडीएफ में कई पदों पर फर्जी तरीके से नियुक्ति की गई हैं। शिकायत में उन्‍होंने आरोप लगाया कि प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहकारी दुग्ध संघ आरपीएस तिवारी ने मैनेजर शाखा जौहरी और अन्य में जयश्री गणेशन की मदद से इस घटना को अंजाम दिया। आरोपितों ने मप्र कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा के घोषित परिणाम के बाद 18 माह की वैधता के छह माह बाद दिसंबर 2019 तक एमपीसीडीएफ के खाली पदों पर अपने परिचितों को गलत तरीके से नियुक्ति दी है।

पुलिस ने इस मामले की जांच के बाद प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहकारी दुग्ध संघ आरपीएस तिवारी, मैनेजर शारदा जौहरी और जयश्री गणेशन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। विजय कुमार ने शिकायत में पुलिस को बताया है कि आरोपितों ने पंकज पांडे प्रबंधक (विपणन) इंदौर दुग्ध् संघ के अलावा करीब 23 और कर्मचारियों की नियुक्ति में इसी प्रकार की हेराफेरी की है। आगे इस मामले में और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। धोखाधड़ी के आरोपित बनाए गए इन अधिकारियों पर आरोप है कि ये मामले के सामने आने के बाद भी अपने पद पर बने हुए हैं और लगातार दस्तावेज में छेड़खानी कर उसका रिकार्ड गायब कर रहे हैं।

Related Articles

Back to top button