ब्रेकिंग
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l प्रधानमंत्री मोदी जी के सेवा, सुरक्षा और सुशासन के स्वर्णिम 12 साल सुप्रीम कोर्ट सख्त: फैसले लटकाए तो जवाब देना होगा अब फ्री में नहीं चला सकेंगे Facebook, Instagram और व्हाट्सऐप, Meta ने लॉन्च किया रिचार्ज प्लान सुशासन तिहार से सुखराम के चेहरे पर लौटी मुस्कान 5 घरेलु मसाले जो इम्युनिटी बढ़ने में रामबाण से कम नहीं – जानें इस्तेमाल करने का तरीका मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड क्यों महत्वपूर्ण है।
मध्यप्रदेश

मछली उत्पादन के लिए सरकार देगी 12 लाख

भोपाल। मत्स्य बीज उत्पादन के लिए सर्कुलर हैचरी की स्थापना करने के लिए सरकार 12 लाख रुपये देगी। इसके निर्माण में लगभग 25 लाख रुपये की लागत आती है। जिसमें हितग्राही को 50 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा दिया जाता है। अपना स्वरोजगार शुरू करने के लिए उम्मीदववार नील क्रांति योजना के तहत आवेदन कर सकते है।जिला मत्स्य अधिकारी ने बताया कि मत्स्य बीज उत्पादन के लिए सर्कुलर हैचरी की स्थापना कर उच्च गुणवत्ता का मत्स्य बीज उत्पादन किया जाता है।रोजगार का लाभ भी ले सकते है। योजना में सभी वर्ग के इच्छुक व्यक्ति जो हैचरी निर्माण कर, मत्स्य बीज उत्पादन से स्वयं का रोजगार स्थापित करना चाहते हो वे जिले के मत्स्य अधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारियों को आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।

जिला मत्स्य अधिकारी ने बताया कि मत्स्य बीज उत्पादन के लिए सर्कुलर हैचरी की स्थापना कर स्वयं का रोजगार प्राप्त करने के लिए हितग्राही के नाम से 2.00 हैक्टेयर से अधिक भूमि दस्तावेज के साथ आवश्यक अनुमति होना

चाहिए। चयनित हितग्राही के लिए योजना निर्माण कार्य के लिए उपर्युक्त स्थल का चयन, भूमि का नक्शा एवं खसरा संबंधित सभी दस्तावेज होना आवश्यक है। हितग्राही स्वयं के व्यय से राष्ट्रीयकृत बैंकों से वित्तीय सहायता

प्राप्त कर सकता है। सहायक यंत्री, तकनीकी अधिकारियों द्वारा उक्त भूमि का निरीक्षण उपरांत प्लान तथा स्टीमेट बनाया जाएगा। हितग्राही को संबंधित विषय का प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक होगा, निर्माण कार्य तकनीकी अमले के निर्देशन में किया जाएगा। हितग्राही को शासकीय दर से मत्स्य पालकों को मत्स्य बीज विक्रय करना होगा और हैचरी निर्माण के पश्चात हैचरी में सुधार, मरम्मत तथा प्रबंधन हितग्राही को स्वयं करना होगा। हितग्राही की

प्रशिक्षण अवधि पांच दिवस की होगी।

31 तक जमा होंगे युवा अन्नदूत योजना के आवेदन

जिला आपूर्ति अधिकारी मीना मालाकार ने बताया कि लक्षित सर्वाजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदाय केंद्र से उचित मूल्य दुकान तक राशन सामग्री के परिवहन के लिए वाहन क्रय के लिए युवा अन्नदूत योजना के तहत बेरोजगार युवकों को मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि में संशोधन किया गया है। अब हितग्राहियों से आवेदन 31 मार्च तक आमंत्रित किए गए हैं।

Related Articles

Back to top button