अमरकंटक के विद्यार्थी कनाडा और दुबई में बजाएंंगे डंका

अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के समाज कार्य विभाग की दो छात्राओं को कनाडा और दुबई में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर मिले हैं ।एमएसडब्ल्यू चौथे बैच (2019-21) की छात्रा अर्चना का कनाडा में उच्च शिक्षा के लिए चयन हुआ है, वह वर्तमान में कोनेस्टोगा कालेज कनाडा में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं ।यह एक प्रतिष्ठित संस्थान हैं जो सामुदायिक सेवा प्रबंधन के लिए जानी जाती है।अर्चना ने आईईएलटीई/टीओईएफएल परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करके इस संस्था में प्रवेश प्राप्त किया है । एम एस डब्ल्यू पांचवें बैच (2020-22) की छात्रा शाजीना ने दुबई-यूएई स्थित बहुराष्ट्रीय निर्माण और रखरखाव फर्म कंपनी के समूह में मानव संसाधन विभाग में एक कार्यकारी के रूप में कार्य कर रही है।
इससे पहले इस विभाग के छात्रों ने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो-साइंसेस (निमहेन्स) बैंगलोर और सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ साइकेट्री, रांची जैसे प्रमुख संस्थानों में पीएचडी में प्रवेश प्राप्त किया, जो भारत में मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रमुख संस्थान हैं, विभाग की एक छात्रा लुसी इरिन जिन्होंने पीजी करते हुए लगातार चार बार नेट परीक्षा उत्तीर्ण की और अब वह प्रतिष्ठित संस्थान, इंस्टीट्यूट आफ रूरल मैनेजमेंट आनंद, (इरमा) गुजरात में पीएचडी कर रही हैं। विभाग के छात्र शिखर सिंह चौहान ने हाल ही में कोल इंडिया में एक स्थायी अधिकारी के रूप में ज्वाइन किया है और पीएचडी स्कालर्स में से एक डा गुड्डो ने हाल ही में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (पंजाब) में सहायक प्रोफेसर के रूप में ज्वाइन किया है।
विभाग के दो छात्र धर्मेंद्र पटेल और सत्य प्रकाश पाल को गांधी फैलोशिप मिली है साथ ही अन्य छात्र सीएसआर क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं | विद्यार्थियों की सफलता पर विभाग की विभागाध्यक्ष एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो रंजू हसीनी साहू ने छात्रों को बधाई दी और छात्रों के लिए डा रमेश बी और डा कृष्णमणि भगवती की व्यक्तिगत देखभाल के प्रयासों की सराहना की उन्होंने बताया कि सामाजिक विज्ञान संकाय में यह विभाग सबसे बाद का है फिर भी छात्रों को विभाग में प्रदान किए जा रहे सतत फील्डवर्क प्रशिक्षण के माध्यम से सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रो. साहू ने कहा कि विभाग बड़े पैमाने पर सामुदायिक विस्तार गतिविधियों में लगा हुआ है, जिससे आसपास के गांवों और आदिवासी समुदायों के साथ अच्छा तालमेल बना हुआ है। विभाग के पूर्व छात्र विकास चंदेल लगातार विश्वविद्यालय और उसके आसपास गांवों में समाज सेवा में लगे रहें, उनके प्रयासों से सांप के काटने पर कई लोगों की जान बच सकी है।


