नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक की वार्षिक परीक्षा अगले माह

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत स्नातक पाठ्यक्रम के पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षा मई में करवाने की योजना बनाई है। मामले में कुलपति डा. रेणु जैन ने पांच अप्रैल को परीक्षा, गोपनीय और मूल्यांकन कार्यों से जुड़े अधिकारियों की बैठक रखी है। दोनों परीक्षाओं में एक लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में विद्यार्थियों से आवेदन भरवाएंगे।
बीए, बीकाम और बीएससी सहित अन्य कोर्स के द्वितीय वर्ष की परीक्षा करवाने में विश्वविद्यालय को कम से कम 45 दिन लगेंगे। नई नीति के तहत 80-90 विषय कोर्स में रखे हैं। इसमें मुख्य, मेजर, माइनर, वोकेशनल और इलेक्टिव विषय रखे हैं। इनके लिए विश्वविद्यालय को प्रश्नपत्र बनाने में महीनेभर लग सकता है। इसके कारण विश्वविद्यालय ने प्रत्येक संकाय के शिक्षकों को चुन लिया है। इन्हें प्रश्नपत्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। परीक्षा में विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले 180 महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल होंगे। इंदौर, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, बड़वाह, खंडवा खरगोन, बुरहानपुर में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया 15 अप्रैल बाद शुरू की जाएगी। उड़नदस्ते भी बनाएंगे।
पांच अप्रैल को विश्वविद्यालय में कुलपति ने आगामी सारी परीक्षाओं को लेकर अधिकारियों की बैठक रखी है। इसमें प्रत्येक पाठ्यक्रम की परीक्षा के पश्चात उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन और रिजल्ट को लेकर भी डेडलाइन तय होगी। परीक्षा विभाग सहायक कुलसचिव डा. विष्णु मिश्रा का कहना है कि विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों से विद्यार्थियों की जानकारी मांगी है। दस अप्रैल के बाद विद्यार्थियों से आवेदन मंगवाएंगे। पंद्रह दिनों में विद्यार्थियों को फार्म जमा करना होंगे। वे बताते हैं कि मई में परीक्षा करवाएंगे। तारीख अगले कुछ दिनों में तय होगी।


