खंडवा में किसान के बेटे को मिले 290 करोड़ के आयकर नोटिस का नहीं हुआ निराकरण

खंडवा । खंडवा के देशगांव निवासी किसान के बेटे और कम्प्यूटर आपरेटर की नौकरी करने वाले प्रवीण राठौर को आयकर विभाग ने एक साल पहले 290 करोड़ 39 लाख 36 हजार 817 रूपयों के ट्रांजेक्शन को लेकर नोटिस दिया था। इसका जवाब प्रस्तुत करने के लिए 15 मार्च 2022 तक की मोहलत दी गई थी। इस राशि का मुंबई के एक्सिस बैंक के दो चालू खातों में ट्रांजेक्शन हुआ है। यह नोटिस मिलने के बाद से किसान के बेटे के होश उड़ गए थे। उसका कहना है कि इतनी बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन उसने कभी नहीं किया। इससे पहले वर्ष 2021 में भी उसे दो बार नोटिस मिले थे।
पहले मानते रहे आयकर विभाग की गलती
इसे किसी का मजाक या आयकर विभाग की त्रुटि मानकर कोई ध्यान नहीं दिया था। लेकिन तीसरी बार नोटिस और आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा संपर्क करने पर इसकी पड़ताल की गई। युवक ने आयकर विभाग के खंडवा और इंदौर कार्यालय में जवाब देने के साथ ही पुलिस कमिश्नर इंदौर और खंडवा पुलिस अधीक्षक को इसके पेन कार्ड और दस्तावेजों का किसी व्यक्ति द्वारा दुरउपयोग करने का शिकायती आवेदन दिया था। बाद में युवक ने इसकी अपील आयकर कार्यालय में की गई थी। इस मामले में अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है।
प्रवीण ने कहा, न तो कभी मुंबई गया और ना ही एक्सेस बैंक में खाता खोला
प्रवीण राठौर को 2021 के मार्च.अप्रैल में पहली बार इनकम टैक्स का नोटिस मिला तो उसे लगा कि उसके साथ कोई मजाक कर रहा है, लेकिन 2021 में ही नवंबर माह में उसे दूसरा नोटिस आया। इसमें 290 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन के बारे में पूछा गया। तब प्रवीण के होश उड़ गए। प्रवीण का कहना है कि न तो वह मुंबई गया और न ही उसका एक्सिस बैंक में उसका कोई खाता है। प्रवीण ने अपने साथ धोखाधड़ी होने की बात कही थी।
अभी नहीं हुआ समाधान
आयकर विभाग से नोटिस मिलने के बाद इंदौर के जिस काल सेंटर में प्रवीण 2011 से 2015 में काम करता था,वहां पता किया तो उन्होंने इस प्रकार के किसी ट्रांजेक्शन से इंकार किया। खंडवा स्थित आयकर कार्यालय से इस नोटिस के बारे में पूछताछ की तो उसे स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। वहां से उसे इंदौर आयकर विभाग कार्यालय भेज दिया गया लेकिन उसे वहां भी कोई जवाब नहीं मिला। इस बीच 2022 फरवरी माह में उसे तीसरा नोटिस मिला तो फिर वह खंडवा के आयकर विभाग कार्यालय पहुंचा। उसने अपनी बात रखी तो उसे पुलिस में शिकायत कराने की सलाह दी गई। पुलिस ने मामला मुंबई का होने से वहीं शिकायत कराने की बात कहकर टाल दिया गया। प्रवीण का कहना है कि इसके बाद उसने 24 फरवरी 22 को पुलिस कमिश्नर इंदौर के कार्यालय में आवेदन देकर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत की थी। अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
गुजरात की डायमंड कंपनी को हुए ट्रांजेक्शन
पड़ताल में एक्सीस बैंक मुंबई की दो ब्रांच में रोमित के प्रोपाइटर प्रवीण राठौर के नाम से दो खाते खुले थे। इनमें प्रवीण का पेनकार्ड नंबर था। इन खातों में छह माह में करीब 2.90 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था। यह खाते 28 जून और27 जुलाई 2013 में खुले थे। दिसंबर 2013 में बंद हो गए थे। यह ट्रांजेक्शन गुजरात की किसी डायमंड कंपनी को हुए थे। देशगांव निवासी प्रवीण के छोटे भाई लक्की राठौर ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों ने किसी से चर्चा करने से इंकार किया है। अभी इस मामले में कोई निर्णय नहीं हुआ है।
प्रवीण राठौर का प्रकरण खंडवा कार्यालय को एसिसमेंट के लिए मिला था। प्रवीण द्वारा इस मामले में अपील करने से अभी कोई निराकरण नहीं हो सका है। अपील आनलाइन और फेस लेस योजना अंतर्गत चल रही है। इसमें अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। – एमआर यादव, आइटी इंस्पेक्टर, खंडवा


