लैंडिंग-वे के 17 पिलर तैयार यहीं से डिपो में आना-जाना करेगी मेट्रो

इंदौर। इंदौर शहर में मेट्रो का काम काफी तेजी से चल रहा है। यहां पर गांधीनगर में बन रहे 75 एकड़ के विशाल डिपो में पटरी बिछाने का काम भी शुरू हो गया है। वहीं, दूसरी तरफ गांधीनगर स्टेशन से डिपो में ट्रेन को लाने, ले जाने के लिए लैंडिंग-वे के लिए 17 पिलर बनाने काम भी काफी तेजी से चल रहा है। पिलर लगभग बनकर तैयार हो गए हैं।
मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों के अनुसार, इंदौर के 31.5 किलोमीटर के मेट्रो ट्रेन कारिडोर के लिए तीन कोच वाली 25 ट्रेन मंगवाई जा रही हैं। फ्रांस की कंपनी ने वडोदरा में इसी सप्ताह से इसका निर्माण शुरू कर दिया है। लेकिन इनके आने के पहले ही गांधीनगर डिपो में इन ट्रेनों के रखरखाव और निरीक्षण के लिए व्यवस्था की जा रही है। वहीं, यहां पर पटरी बिछाने का काम शुरू हो गया है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से पटरियां आ गई हैं।
बन रहा ढलान वाला पुल
अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन से ट्रेन को डिपो में लाने के लिए एक ढलान वाला पुल बनेगा, जिसमें 17 पिलर होंगे। यहां सभी पिलर की पाइलिंग का काम हो गया है। ट्रेन कोच की डिलीवरी शुरू होने के पहले इसे पूरा करना है। इसके बाद ही ट्रायल रन हो सकेगा। अगस्त या सितंबर में ट्रायल रन होना संभावित है।
डिपो के लिए होगी तीन लाइन
उल्लेखनीय है कि गांधीनगर स्टेशन इंदौर का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण स्टेशन होगा। यहां पर तीन लाइन होंगी। इसमें से दो से ट्रेन अपने रूट पर जाएंगी, जबकि तीसरी लाइन से ट्रेन डिपो में आएगी और जाएगी। डिपो में रात में ट्रेन खड़ी रहेगी। वहीं, इनका रखरखाव और रोजाना संचालन के पहले निरीक्षण भी यहीं होगा।


