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अमृत मिशन परियोजना की धीमी प्रगति पर एक्शन, 5 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया

इन पांच ठेकेदार फर्मों पर गिरी गाज

विभाग द्वारा ब्लैकलिस्ट की गई पांचों ठेकेदार कंपनियों के नाम निम्नलिखित हैं:

  • जयप्सदी इंफ्राकॉन
  • एलसी इंफ्रा (भोपाल)
  • दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन (देवास)
  • इनविराड प्रोजेक्ट्स (सतना)
  • आर एंड बी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स (पीथमपुर)
  • इन सभी फर्मों के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि इन्होंने अमृत मिशन के तहत सौंपे गए निर्माण कार्यों में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई और न ही अनुबंध की शर्तों के अनुरूप संतोषजनक प्रदर्शन किया।
  • भोपाल: मध्य प्रदेश में अमृत मिशन के अंतर्गत चल रही महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में अत्यधिक धीमी गति और कार्य के प्रति बरती जा रही लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम और नगरीय विकास विभाग ने एक सख्त और कड़ा कदम उठाया है। तय समयसीमा के भीतर अपने काम को पूरा न करने वाले 5 प्रमुख ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डाला) कर दिया गया है। यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद अमल में लाई गई है।हाल ही में हुई इस समीक्षा बैठक में अमृत मिशन के तहत चल रही तमाम जलापूर्ति और बुनियादी परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित नगरीय निकायों और विभिन्न कार्यदायी एजेंसियों व ठेकेदारों का पक्ष भी विस्तार से सुना गया। समीक्षा के दौरान यह तथ्य खुलकर सामने आया कि कुछ परियोजनाओं में निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद असंतोषजनक है और अनुबंध में तय किए गए नियमों के विपरीत कार्य को तय समय पर पूरा नहीं किया जा रहा है।

    जनहित के प्रोजेक्ट्स में देरी बर्दाश्त नहीं

    विभागीय अधिकारियों ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए दो-टूक शब्दों में कहा है कि आम जनता के कल्याण और सुविधाओं से जुड़ी इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या अनुबंधीय दायित्वों की अनदेखी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परियोजनाओं को उनकी तय समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा कराने के लिए सभी संबंधित स्थानीय निकायों के अधिकारियों को आवश्यक और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • नई निविदाओं और टेंडर प्रक्रिया से बाहर रहेंगी ये फर्में

    नियमों के तहत ब्लैकलिस्ट की गई इन सभी फर्मों और कंपनियों को अब भविष्य में विभाग की किसी भी नई निविदा (टेंडर) और बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग का यह सख्त कदम मुख्य रूप से परियोजनाओं की निर्माण गुणवत्ता, कार्य की समयबद्धता और अनुबंध की सभी शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश

    संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुबंध की शर्तों के मुताबिक तमाम अधूरे पड़े कार्यों को युद्धस्तर पर जल्द से जल्द पूरा करवाएं। साथ ही, यह भी तय किया गया है कि भविष्य में अमृत मिशन के अंतर्गत चल रही सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाती रहेगी, ताकि कार्य की प्रगति पर लगातार पैनी नजर रखी जा सके और जनहित से जुड़ी ये योजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

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