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मध्यप्रदेश

मध्‍य प्रदेश में फिर शुरू हाे सकता है गरज–चमक के साथ वर्षा का दौर

भाेपाल। अलग–अलग स्थानाें पर सक्रिय तीन मौसम प्रणालियाें के असर से शुक्रवार से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज फिर बिगड़ सकता है। मौसम विज्ञानियाेें के मुताबिक वर्तमान में अरब सागर से आ रही नमी के कारण बादल बने हुए हैं।

शुक्रवार काे ग्वालियर, चंबल, भाेपाल, नर्मदापुरम संभाग के जिलाें में कहीं–कहीं गरज–चमक के साथ वर्षा हाेने के आसार हैं।शनिवार–रविवार काे जबलपुर,रीवा, शहडाेल संभाग के जिलाें में गरज–चमक के साथ वर्षा हाे सकती है। इस दौरान कहीं–कहीं ओले गिरने की भी आशंका है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षाेभ अफगानिस्तान के पास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। दक्षिण–पश्चिम राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।

झारखंड से छत्तीसगढ़ हाेते हुए एक ट्रफ लाइन तेलंगाना तक बनी हुई है। साथ ही वर्तमान में हवा का रुख पश्चिमी बना हुआ है।हवा के साथ अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलाें में बादल बने हुए हैं।

पश्चिमी विक्षाेभ के आगे बढ़ने के कारण शुक्रवार से एक बार फिर मध्य प्रदेश में गरज–चमक के साथ वर्षा हाेने का सिलसिला शुरू हाेने जा रहा है। अलग–अलग स्थानाें पर वर्षा का दौर दाे–तीन दिन तक बना रह सकता है। इस दौरान आंधी चलने के साथ कहीं–कहीं ओले भी गिर सकते हैं।

शुक्ला के मुताबिक इस वर्ष मार्च माह में लगातार पश्चिमी विक्षाेभ आ रहे हैं। उनमें से तीन काफी नीचे आने के कारण उनका असर मध्य प्रदेश तक हुआ। 29 मार्च काे भी एक अन्य पश्चिमी विक्षाेभ के आने की संभावना है।

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