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मध्यप्रदेश

कोरबा वन मंडल के ग्राम छुई डोंढा में मिला 11 फीट लंबा विषधर किंग कोबरा

कोरबा । कोरबा से 40 किलोमीटर दूर गांव सोलवा पंचायत के छुईढोढा के समीप उस वक्त लोगों का हाथ पैर फूल गया जब लोग अपने घरों के समीप महुआ बिनने के साथ अपने बाड़ी में काम कर रहे थे तभी 11 फीट लंबा किंग कोबरा साप फन फैलाए बैठ गया।

जिसको देख सभी अपना काम छोड़ कर भाग खड़े हुए और इसकी जानकारी पुरे गांव में फैल गई। देखने के लिए लोग इकट्ठा होने लगें, इतने बड़े सर्प को देख कर लोग न मारे इसकी जानकारी गांव वालों ने वन विभाग को दिया। ख़बर मिलते ही वन अमला मौके स्थल पर पहुंच कर पहले तो भीड़ खाली कराया फिर वन विभाग के रेस्क्यू टीम जितेन्द्र सारथी को इसकी जानकारी दी गई।

जिसके फौरन बाद जितेन्द्र सारथी ने कोरबा डीएफओ अरविंद पी एम को इसकी जानकारी दी फिर रेस्क्यू टीम मौके स्थल के लिए रवाना हुई और मौके स्थल पर पहुंच कर आखिरकार 11फीट किंग कोबरा को वन विभाग के उच्च अधिकारियों के मजूदगी में रेस्क्यू किया गया और गांव से दूर इसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।

तब जाकर सभी ने राहत भरी सास ली साथ ही विभाग ने सभी लोगों को इस सर्प को न मारने की बात कही और इसको बचाने के लिए लोगों से आग्रह किया।

इस पुरे रेस्क्यू ऑपरेशन में उप वनमण्डलाधिकारी श्री ईश्वर कुजूर, वन परिक्षेत्र अधिकारी पसरखेत तोषीवर्मा, परिक्षेत्र सहायक केशव सिदार, परिसर रक्षक सोल्वा राम नरेश यादव, वन विभाग रेस्क्यू टीम जितेन्द्र सारथी, देवा आशीष राय एवम बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहें।

वन मंडल अधिकारी अरविंद पी ने कहा कि कोरबा का जंगल जैव विविधता से भरा हुआ हैं जिसको बचाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि वन्य जीव संरक्षण और रेस्क्यू के लिए विभाग को जानकारी दे, ताकि उनको रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ जा सके।

वन विभाग के रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेन्द्र सारथी ने बताया हम पर्यावरण संरक्षण के लिए हर पल समर्पित है, रेस्क्यू कॉल आते ही मौके स्थल पर पहुंच कर रेस्क्यू के पश्चात पुनः जंगल में छोड़ देते हैं ताकि पारिस्थितिकी तंत्र बना रहें।

किंग कोबरा को हिंदी में नागराज के नाम से जाना जाता हैं वहीं इसका वैज्ञानिक नाम (Ophiophagus hannah) वहीं इसे स्थानीय भाषा में पहाड़ चित्ती के नाम से भी जाना जाता हैं इसकी लम्बाई इसकी लंबाई 20 से 21 फिट तक हो सकती है।

तथा यह भारत के दक्षिण क्षेत्रों में बहुतायात में पाया जाता है, वहीं यह छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा में अच्छी संख्या में फल फूल रहें जो इस बात को दर्शाता हैं की छत्तीसगढ़ कोरबा जिले का जंगल जैव विविधता के लिए बहुत ही अच्छा हैं जिसको बचाने की बहुत जरूरत है। कोरबा में इससे पहले भी 14.5 फीट किंग कोबरा देखा जा चुका है।

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