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मध्यप्रदेश

पिपलानी जैन मंदिर में स्वर्ण कलश का आरोहण उमड़े श्रद्धालु

भोपाल। आचार्य विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनि अजित सागर, मुनि एलक दया सागर और मुनि विवेकानंद सागर महाराज के सानिध्य में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पिपलानी में बुधवार को स्वर्ण कलश का आरोहण हुआ। मूलनायक प्रभु आदिनाथ का अभिषेक, पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान हुए। इस दौरान बड़ी संख्‍या में मंदिर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा।

श्री दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया सात फीट का स्वर्ण कलश जयपुर राजस्थान से लाया गया है, जिसका आरोहण किया गया है। इस पावन मौके पर मुनि अजित सागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जिनालय के शिखर कलश के दर्शन से ही जन्म-जन्म के पापकर्म नष्ट हो जाते हैं। मनुष्‍य को अपने तन को नहीं, चैतन्य को संभालना चाहिए। जीवन के विकास में अहंकार, अहं, वहम सबसे बड़े अवरोधक हैं। इस अवसर पर मनोज बांगा, प्रमोद हिमांशु, अरविंद पंत अतुल सिंघई, प्रदीप हरसोला, राजू गोयल, कैलाश सिंघई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

बागसेवनिया में पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न

उधर, बागसेवनिया जैन मंदिर में 1008 मज्जिनेन्द्र नेमिनाथ पंचकल्याणक महोत्सव का मोक्ष कल्याणक के साथ समापन हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें सौधर्म इंद्र समेत सभी पात्रों ने मंत्रोच्चार के साथ अर्घ्य समर्पित किया। इसके बाद श्रीजी की प्रतिमा को गजरथ पर विराजमान कर पंडाल की सात परिक्रमा लगाई गई। इस मौके पर मुनि आदित्य सागर, मुनि अप्रमित सागर और सहज सागर महाराज के सान्निध्य में पंचकल्याणक विधि-विधान से पूरा हुआ। इसके बाद जैन मंदिर में भगवान श्रेयांशनाथ की नव प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक किया गया।

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