तीन साल में अधिकारी नहीं हटवा सके कचरे का ढेर तो बुजुर्ग ने बाबा महाकाल को अर्जी लगाने शुरू की दंडवत यात्रा तब बनी बात

राजगढ़। घर के सामने स्वयं के स्वामित्व व कुछ अन्य जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कचरा डालकर रोडियां बना दी गई। ऐसे में उक्त कचरे की रोडियों को हटवाने व स्वयं की जमीन से कब्जा हटवाने के लिए एक बुजुर्ग व उसके परिजनों द्वारा पिछले करीब 2-3 वर्ष से अधिकारियों को आवेदन देकर शिकायत की जा रही थी, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो 75 वर्षीय बुजुर्ग ने कब्जा व रोडियां हटवाने के लिए महांकालेश्वर से अर्जी लगाने उज्जैन के लिए दंडवत यात्रा शुरू की थी। इसके बाद प्रशासन ने कब्जेधारी को एक सप्ताह का नोटिस दिया व रविवर को कचरे का ढेर हटवा दिया। उधर, बुजुर्ग अब तक 65 किमी की दूरी तय कर चुका है।
राजगढ़ जिले के जीरापुर तहसील के जैथली गांव के रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग भेरूलाल पिता मोतीलाल गुर्जर ने टप्पा कार्यालय माचलपुर, एसडीएम कार्यालय खिलचीपुर, कलेक्ट्रेट, जनसुनवाई व सीएम हेल्पलाइन पर स्वयं की जमीन से कब्जा हटाने व घर के सामने से रोडियां हटवाने के लिए शिकायतें की थी। शिकयती आवेदनों में कहा था कि प्रार्थी के मकान के सामने कुछ लोग अवैध रूप से रोड़ी का गडडा खुदवाकर कचरा डालते हैं। जिससे मुझ प्रार्थी व मेरे परिवार के लोगों को बीमारी का सामना करना पड़ता है। वाहन निकलने में भी दिक्कत होती है। शिकायतकर्ता व परिजनों के मुताबिक जब कई बार शिकायतें करने के बाद भी जब समस्या का निराकरण नहीं हुआ, तो उन्होंने 25 फरवरी को गांव के ही भगवान रामदेवजी के मंदिर से हाथ में नारियल लेकर महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन के लिए लेटते हुए 120 किमी की दंडवत यात्रा शुरू कर दी है। उनका मानना है कि अब अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए भगवान महाकालेश्वर ही समस्या का निराकरण करेंगे। उनसे ही प्रार्थना की जाएगी।
बुजुर्ग के पुत्र अनारसिंह गुर्जर ने बताया कि घर के सामने दबंगों ने रोडियां डाल रखी हैं। साथ ही हमारी निजी जमीन पर भी कब्जा कर रखा है। रास्ता तक वहां नहीं बचा। हमने इसके लिए माचलपुर टप्पा, तहसील, कलेक्ट्रेट व सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की, लेकिन निराकरण नहीं हो सका। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने के लिए जीरापुर से सीईओ साहब का फोन आया था। उन्होंने आश्वासन देकर शिकायत वापस करवा दी, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो सका। ऐसे में बुजुर्ग पिता ने भगवान महाकालेश्वर से अर्जी लगाने दंडवत यात्रा शुरू की है। जहां रात होती है, रुक जाते हैं। भोजन हम बाइक से पहुंचा देते हैं।
एक सप्ताह पहले दिया नोटिस, अब हटवाया कब्जा
पहले तो प्रशासन यह मानने को ही तैयार नहीं था कि वहां शासकीय जमीन पर कब्जा कर रोडी डाल रखी है, बल्कि प्रशासन निजी जमीन पर ही रोडियां डालने की बात कर रहा था। जब मामला उजागर हुआ तो माचलपुर नायब तहसीलदार ने अनारसिंह गुर्जर को एक सप्ताह पहले शासकीय जमीन से कब्जा हटाने का नोटिस दिया व 25 मार्च तक का समय दिया था। जब 25 को कब्जा नहीं हटा तो 26 मार्च को नायब तहसीलदार नवीनचंद्र कुंभकार ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटवाया। साथ ही सबंधित के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
इनका कहना है
कब्जेधारी को हमने एक सप्ताह पहले नोटिस दिया था। पाया है कि रोडीशासकीय जमीन में अनारसिंह गुर्जर ने डाल रखी थी। 25 मार्च तक समय देने के बाद भी नहीं हटाने पर आज हमने हटवा दिया है।
– नवीनचंद्र कुंभकार, नायब तहसीलदार, माचलपुर


