बाहर आएंगे दुर्गा के शावक कैज में लगाए फव्वारे

ग्वालियर। गांधी प्राणी उद्यान(चिड़ियाघर) में गर्मी के चलते दिनचर्या बदल गई है। गर्मी से राहत के लिए कैज में फव्वारे लगा दिए हैं, ताकि जानवरों को ठंडक मिल सके। अगले तीन दिनों में दुर्गा बाघिन के शावक भी बाहर आ जाएंगे, जिन्हें लोग देख सकते हैं। दो से तीन घंटे तक इन्हें बाहर घुमाया जाएगा। शावकों का जन्म छह मार्च को हुआ था और ये तभी से आइसोलेशन में है। इन्हें चिकन सूप, दूध व उबले हुए अंडे दिए जा रहे हैं।
शहर में गर्मी बढ़ना शुरू हो गई है। गर्मी से हर कोई हलाकान है। चिड़िया घर में बंद जानवर, पक्षी भी गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। इन्हें ठंडक पहुंचाने के लिए कूलर लगाए गए हैं। बाघ के पिंजरे में घास वाली टटियां लगाई गई हैं, जिससे उन्हें दिन में ठंडक मिल सके। स्प्रिंग्लर भी चालू किए गए हैं, जो घास की टटिया को भिगो रहे हैं। बाघ व शेर गर्मी से ज्यादा बेहाल होते हैं, इससे उनको ठंडक देने के लिए पानी भी भरा गया है। इसके अलावा शाकाहरी जानवर तरबूज सहित अन्य फल दिए जा रहे हैं। पक्षियों को भिगाकर दाल दी जा रही है।
पिंजरों के बाहर लगाए जा रहे कूलर
मोर, तोते प्रजाति के पंक्षी के लिए भी उनके पिंजरो के बाहर लकड़ी की टटिया लगाई जा रही है। जिन्हें समय समय पर पानी से गिला किया जाता है, जिससे इन पंछियों को भी लगातार बढ़ती गर्मी में राहत मिल सके,
डा. गौरव परिहार का कहना है कि इस समय चिडिय़ाघर में रहने वाले पक्षियों और जानवरों की डाइट में बदलाव किया गया है। अभी उनको पानी की ज्यादा मात्रा वाले खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं जैसे खीरा, ककड़ी, टमाटर आदि इसके साथ ही ठोस पदार्थ कम कर दिए गए हैं।


