बिजली कंपनी को हर साल दो हजार करोड़ का लास चोरी पकड़ने के लिए बनी टीम लेकिन एक भी कार्रवाई

रायपुर। राजधानी समेत छत्तीसगढ़ में बिजली चोरी के कारण बिजली कंपनी को हर साल दो हजार करोड़ से ज्यादा का घाटा हो रहा है। इससे उबरने के लिए बिजली कंपनी के अधिकारियों ने प्रदेश स्तर पर विजिलेंस टीम और जिला स्तर पर जोनवार अफसरों को तैनात किया है। इसके बावजूद बिजली चोरी की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं, उल्टा लाइन लास बढ़ता जा रहा है। इससे इतर कंपनी की विजिलेंस और जोन की टीमें कागजों में कार्रवाई कर रही है, पिछले छह महीने में न जांच हुई न ही किसी पर कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की लापरवाही का फायदा बिजली चोर उठा रहे हैं। वे अपना घर और दुकान रोशन कर कंपनी को चूना लगा रहे हैं।
बिजली कंपनी के जानकार सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस और जोन के अधिकारियों की जांच रिपोर्ट पिछले कई माह से कंपनी मुख्यालय और सर्किल प्रभारी कार्यालय में नहीं पहुंच रही है। बिजली मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार पिछले छह महीने में जिले में एक भी बिजली चोरी का प्रकरण नहीं बना है। अधीनस्थ अधिकारियों की इस कार्यप्रणाली से नाराज वरिष्ठ अधिकारी अब इस पर सख्ती करने की तैयारी कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा चोरी
बिजली कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में बिजली चोरी की शिकायतें अधिक हैं। वहां कर्मचारियों के न होने से निगरानी और कार्रवाई नहीं हो पाती। कनेक्शन काटने के बाद फिर से ग्रामीण हुकिंग के जरिए बिजली चोरी करने लगते हैं।
95 प्रतिशत बिजली बिल वसूली
अधिकारियों के मुताबिक बिजली बिल के बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पूरे प्रदेश में ताजा बिजली बिल की 95 प्रतिशत वसूली हुई है। रायपुर समेत कुछ और बड़े जिलों में तो सौ प्रतिशत तक बिल वसूला जा चुका है।
2.35 लाख से अधिक बकायेदार
बिजली बिल के दो लाख 35 हजार 417 पुराने बकायेदारों से पैसा वसूलने के लिए अभियान चलाया गया है। इनमें से 153 के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के साथ ही कोर्ट में प्रकरण पेश किए गए हैं।
एक लाख से अधिक के 59 बकायेदार
प्रदेश में एक लाख रुपये से अधिक के बिजली बिल के बकायेदार उपभोक्ताओं की संख्या 178 थी। इनमें से अब केवल 59 शेष हैं। जबकि 50 हजार रुपये के ऊपर के बकायेदारों की संख्या 2108 थी, इनमें से अब 164 बचे हैं। वहीं, 134 उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान करवाने के लिए किस्त करवाया है। कुछ उपभोक्ता के मामले कोर्ट में चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लास की वजह सिंचाई के लिए लगाएं गए मोटर पंप भी है। पानी का स्तर नीचे जाने से पानी खींचने में ज्यादा बिजली की खपत हो रही है।
लंबे समय से नहीं हुई एक भी कार्रवाई नहीं
बिजली वितरण कंपनी ने विजिलेंस और जोन के अधिकारियों को बिजली चोरी से कंपनी को हो रहे करोड़ों के नुकसान पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए हर महीने जांच कर अधिक से अधिक कार्रवाई करने के निर्देश दे रखे हैं। यहीं नही जांच प्रतिवेदन की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजनी है, लेकिन बेपरवाह अधिकारी कार्रवाई तो दूर, चोरी की शिकायत मिलने पर मौके की जांच करने तक नहीं जा रहे हैं। इसे अब गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज करने की तैयारी की गई है।
बिजली वितरण कंपनी के एमडी मनोज खरे ने कहा, बिजली चोरी रोकने के लिए विजिलेंस और जोन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जांच और कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

