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ईको फ्रेंडली विक्टोरिया अस्पताल में लहलहा रही हर्बल वाटिका

ईको फ्रेंडली अस्पताल की हर्बल वाटिका औषधीय पौधों से लहलहा रही है। बात हो रही है जिला अस्पताल विक्टोरिया की जिसे केंद्र सरकार के कायाकल्प अभियान में गत वर्ष बेस्ट ईको फ्रेंडली अवार्ड दिया गया था। औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और औषधीय गुणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह वाटिका तैयार की गई थी। इस वाटिका का लाभ अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीज व उनके स्वजन को मिल रहा है जो औषधीय पौधों व उनके गुणों से परिचित हो रहे हैं।

हर्बल वाटिका के माध्यम से व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। हर्बल वाटिका में लगे पौधों के गुण बताने के लिए बाकायदा सूचना पटल भी लगाए गए हैं। विक्टोरिया अस्पताल के डा. संजय जैन ने बताया कि अस्पताल को कायाकल्प अवार्ड दिलाने में इस वाटिका की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वाटिका की देखभाल के लिए माली की नियुक्ति की गई है। एलोपैथी विधा से उपचार कराने के लिए अस्पताल पहुंचने वाले तमाम मरीज औषधीय पौधों के गुणों से परिचित होने के बाद इसके संरक्षण व संवर्धन के प्रति आकर्षित होते हैं।

लगाए गए पौधे और उनके गुण

एलोवेरा-रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है, मच्छरों से त्वचा को सुरक्षित रखता है।

आंवला-आंखों की रोशनी बढ़ाता है, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है।

अशोक-गठिया के उपचार के लिए, कमर दर्द व नींद न आने की समस्या में लाभकारी।

अश्वगंधा-हकलाने की बीमारी में इसका सेवन फायदेमंद होता है।

बच-बवासीर, अपच, पित्त दोष के लिए।

बहेड़ा-बुखार, पीलिया, हेपेटाइटिस में उपयोग किया जाता है।

बनककड़ी-खांसी, बुखार, कफ व खुजली में उपयोगी।

भूमि आंवला-लिवर की बीमारियों में उपयोगी, पित्तनाशक।

ब्राह्मी-मजबूत याददाश्त व शरीर से विषैले पदार्थ को निकालने में उपयोगी।

जटामानसी-नेत्र रोग, मुख रोग, कंठ रोग, ह्दय रोग व घाव के उपचार में उपयोगी।

मुलेठी-कान दर्द, बालों का झड़ना एवं दांतों के लिए उपयोगी।

नीम-पेट की खराबी, त्वचा रोग, अल्सर, ह्दय रोग में उपयोगी।

पीपली-अस्थमा, शारीरिक कमजोरी में फायदेमंद।

दारुहल्दी-आंख व कान की बीमारियां, पीलिया, डायरिया, कैंसर में उपयोगी।

गिलोय-बुखार, पीलिया, डायबिटीज में उपयोगी, कफ शांत करता है।

सर्पगंधा-दिल की बीमारी से बचाता है।

शतावर-पेट की समस्या, भूख कम लगना, गैस व किडनी से जुड़ी समस्या।

तुलसी-ह्दय रोग, काेलेस्ट्राल में उपयोगी।

अर्जुन-पाचन शक्ति का बढ़ाता है।

चिरायता-डायबिटीज, मलेरिया, एनीमिया, गठिया में उपयाेगी।

सफेद मूसली-त्वचा व बालों के लिए, पेट व पेशाब संबंधी समस्या में उपयोगी।

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