अतीक अहमद को प्रयागराज लाने की तैयारी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

यूपी के कुख्यात माफिया और नेता अतीक अहमद को प्रयागराज लाने के लिए यूपी पुलिस की टीम साबरमती पहुंच चुकी है। लेकिन अतीक अहमद साबरमती जेल से निकलने को तैयार नहीं है। उसे आशंका है कि यूपी पुलिस रास्ते में उसका एनकाउंटर कर सकती है। अतीक अहमद को प्रयागराज लाए जाने के फैसले पर रोक लगाने के लिए उसके वकील हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। आपको बता दें कि उमेश पाल अपहरण मामले में प्रयागराज की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट 28 मार्च को फैसला सुनाने वाली है। इसके लिए अतीक अहमद को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। इसी आदेश के पालन के लिए यूपी एसटीएफ की टीम रविवार सुबह साबरमती जेल पहुंची। जहां से माफिया अतीक अहमद को सड़क के रास्ते प्रयागराज जेल लाया जाएगा।
सुरक्षा के तमाम इंतजाम
अतीक अहमद को प्रयागराज जेल में रखने से पहले सुरक्षा के तमाम इंतजाम किये गये हैं। डीजी (जेल), आनंद कुमार ने बताया कि अतीक अहमद को जेल में हाई-सिक्योरिटी बैरक में आइसोलेशन में रखा जाएगा। उनके सेल में सीसीटीवी कैमरा होगा। जेल कर्मचारियों को उनके रिकॉर्ड के आधार पर चुना और तैनात किया जाएगा, उनके पास बॉडी वियर कैमरे होंगे। साथ ही प्रयागराज जेल कार्यालय व जेल मुख्यालय चौबीसों घंटे निगरानी करेगा। सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीआईजी जेल मुख्यालय को भी प्रयागराज जेल में भेजा जा रहा है।
जेल में कड़ी निगरानी
मिली जानकारी के मुताबिक अतीक अहमद के लिए नैनी जेल के एक बैरक को खाली करा लिया गया है। इस दौरान जेल में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इस दौरान 13 से 16 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में माफिया अतीक अहमद को रखा जाएगा।
मामले में कई पेंच
अतीक के वकील हाईकोर्ट में अर्जी देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रविवार होने की वजह से प्रयागराज कोेट बंद है। उधर, साबरमती में भी यूपी पुलिस को स्थानीय कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड बनवाना होगा, तभी जेल प्रशासन उसे सौंपेगी। को सौपेंगी, तभी जेल प्रशासन अतीक को यूपी पुलिस को सौंपेगा। साथ ही साबरमती जेल के अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन फ़ॉलो होनी ज़रूरी है।
प्रयागराज लाने का विरोध
उधर, अतीक अहमद ने अपनी कस्टडी यूपी पुलिस को देने पर आपत्ति जताई है। अतीक अहमद के वकील हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करनेवाले हैं। इसमें अतीक अहमद के वकील उसे साबरमती जेल से कही और नहीं ले जाने का अनुरोध करेंगे। अर्जी में दलील दी जाएगी कि फिजिकली लाने से अतीक अहमद की जान को खतरा है। अगर कोर्ट ने उनका अनुरोध नहीं माना तो यह मांग की जाएगी कि अतीक को उनके वकीलों की मौजूदगी में ही ट्रांसफर किया जाए। साथ ही साबरमती जेल से लाए जाने की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाए।

