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बड़े हो रहे बच्चों को बताएं अच्छा स्पर्श बुरा स्पर्श

सरकार ने महिला के खिलाफ अपराध को लेकर कानून सख्त कर दिए हैं जिससे बुरे विचार वाले लोगों को सबक सिखाया जा सके। इस कवायद का अपराध करने वालों पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा है। हम सब को भी अपने बच्‍चों के प्रति और सजग रहना होगा। देश में महिला के साथ-साथ बड़े होते बच्‍चों के साथ भी घटनाएं हो रही हैं। बदलते समय के साथ अब ये जरूरी हो गया है कि बच्चे भी अपनी सुरक्षा को लेकर अलर्ट रहें। बच्चों को बताएं कि अच्छा स्पर्श क्‍या है और बुरा स्पर्श क्‍या है। बाहर वालों को छोडि़ए परिवार या कोई अपने ही दुश्‍मन बन गए हैं। बच्‍चे सतर्क रहेंगे तो विपरीत परिस्थिति में माता-पिता से अपने मन की बात बता सकेंगे। उनको बताएं कि शरीर के इन हिस्सों को किसी को न छूने दें।

बच्‍चों को यह भी बताएं कि जब कोई आपको छूए और आपको अच्छा लगे तो गुड टच और जब आपको बुरा लगे तो ये बैड टच होता है। माता-पिता ही अच्‍छे से समझा सकते हैं। बच्‍चों को शरीर के बारे में बताएं कि कुछ अंग ऐसे होते हैं जिन्हें सिर्फ खुद ही देख सकते हैं। इन्‍हें और कोई नहीं छू या देख सकता है। कोई गलत तरीके से छूए तो वे बचने के लिए हल्ला मचाएं जिससे आसपास के लोग चीख सुनकर बचा सकें। बच्चों को बताएं कि सही और गलत क्या है ताकि वे किसी दूसरे की गलत हरकतों के कारण खुद को गलत न समझें। उन्हें समझाएं कि उन्हें प्रताड़ित करने की कोशिश करने वाले गलत हैं वे नहीं। उनमें किसी भी हादसे को लेकर अपराधबोध का भाव न आने दें।

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