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बेमौसम बारिश ओलावृष्टि से उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान पंजाब व हरियाणा में रबी की फसलों को नुकसान

बारिश और ओलावृष्टि ने फसलें बर्बाद कर दी हैं। केंद्र सरकार ने भी सोमवार को माना कि गेहूं सहित रबी की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। परेशान किसानों को राहत देते हुए केंद्र सरकार उनको मुआवजा देगी। ओलावृष्टि ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब व हरियाणा सहित कई राज्यों के किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने किसानों को फसल की कटाई रोकने की सलाह दी है। समाचार एजेंसी प्रेट्र के अनुसार एक बातचीत में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फसलें बर्बाद कर दी हैं, लेकिन अभी तक राज्यों से इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। अगर राज्य सरकारें क्षति की मात्रा का आकलन करने के बाद रिपोर्ट देती हैं तो सरकार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत किसानों को मुआवजा देगी।

कहां कैसे हैं हालात

उत्तर प्रदेश में कहीं खेतों में बिछी गेहूं की फसल तो कहीं पानी में डूबी सरसों और अरहर किसान को रुला रही है। नुकसान कितना हुआ, इसका आकलन किया जा है। किसानों का आकलन है कि विभिन्न जिलों में गेहूं, सरसों, चना व अरहर की फसल में 40 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। पंजाब के कई जिलों में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। उधर, फरीदकोट के जैतो में रविवार रात को हुई वर्षा के चलते स्थानीय पीरखाना बस्ती में एक मकान की छत गिर गई। इससे दो महिलाएं व एक बच्चा घायल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के कई जिलों में 23 व 24 मार्च को भी वर्षा हो सकती है।

विशेषज्ञ की यह है सलाह

चौधरी चरण सिह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के गेहूं विशेषज्ञ डा. ओपी बिश्नोई ने कहा कि वर्षा के साथ तेज हवा चलने से अगेती और पछेती दोनों गेहूं की फसल को नुकसान होगा। जिन किसानों ने अगेती बिजाई की थी, वह फसल अब लगभग पकने की कगार पर है। गेहूं पकने से पौधा ऊपर से भारी हो जाता है। इससे वह जल्द बिछ जाता है। इसके कारण दाने का वजन कम होता है और वह काला पड़ जाता है। पशु चारा पर भी असर पड़ेगा। दाना और चारा दोनों करीब 25 प्रतिशत कम हो जाएंगे।

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